धर्म स्वतंत्रता अधिनियम–2026 पर जनसंवाद 27 अक्टूबर को रायपुर में, मसीही समाज के अधिकारों और सरकारी योजनाओं पर होगी चर्चा
रायपुर के सेंट पॉल्स कैथेड्रल में 27 अक्टूबर 2026 को जागरण जनसेवा फाउंडेशन द्वारा जनसंवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें धार्मिक स्वतंत्रता, प्रस्तावित धर्म स्वतंत्रता अधिनियम–2026, संवैधानिक अधिकारों, सरकारी योजनाओं, शिक्षा, रोजगार, कानूनी प्रक्रियाओं और बाइबल आधारित जीवन से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में 800 से 1,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ के मसीही समाज को संवैधानिक अधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता, सरकारी योजनाओं, शिक्षा, रोजगार और कानूनी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 27 अक्टूबर 2026, मंगलवार को रायपुर स्थित सेंट पॉल्स कैथेड्रल में विशेष जनसंवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जागरण जनसेवा फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा। आयोजकों के अनुसार, इसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 800 से 1,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है।
कार्यक्रम में पास्टर, प्रचारक, पादरी, चर्च पदाधिकारी, कलीसियाई कार्यकर्ता, महिला मंडल, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और मसीही समाज के अन्य प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। इसका उद्देश्य समाज के लोगों तक अधिकारों, उपलब्ध अवसरों और जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित उपयोगी जानकारी पहुंचाना है।
धार्मिक स्वतंत्रता और कानूनी प्रावधानों पर होगी चर्चा
जनसंवाद में प्रस्तावित धर्म स्वतंत्रता अधिनियम–2026 से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसमें संबंधित कानूनी प्रावधानों, नागरिक अधिकारों, दायित्वों और कानूनी प्रक्रियाओं को समझाने पर जोर रहेगा, ताकि प्रतिभागी सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें। आयोजकों ने बताया कि धार्मिक स्वतंत्रता और संस्थागत मामलों से जुड़े सवालों पर भी चर्चा की जाएगी। अधिनियम की वर्तमान कानूनी स्थिति और लागू प्रावधानों की जानकारी आधिकारिक स्रोतों के आधार पर समझना महत्वपूर्ण होगा।
सरकारी योजनाओं, शिक्षा और रोजगार पर जानकारी
कार्यक्रम में शिक्षा, छात्रवृत्ति, कौशल विकास, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी साझा की जाएगी। इसका उद्देश्य पात्र लोगों को उपलब्ध अवसरों से परिचित कराना और जरूरतमंद परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाने में सहयोग करना है।
पास्टरों और कलीसियाई प्रतिनिधियों की भूमिका
कार्यक्रम में धार्मिक सेवकों एवं चर्च प्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों, कलीसिया के प्रशासन, आर्थिक अभिलेखों के रखरखाव, संपत्ति की सुरक्षा, पारदर्शिता और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। साथ ही, पास्टरों, प्रचारकों और उनके परिवारों की आवश्यकताओं, प्रशिक्षण तथा सामाजिक सहयोग से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा।
बाइबल की शिक्षाओं पर विशेष संवाद
जनसंवाद में बाइबल आधारित जीवन के व्यावहारिक पहलुओं पर भी विचार-विमर्श होगा। इसमें परिवार की एकता, बच्चों की शिक्षा, युवाओं का सकारात्मक नेतृत्व, कलीसिया में आपसी सहयोग, जरूरतमंदों की सेवा, आर्थिक पारदर्शिता और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने जैसे विषय शामिल होंगे। आयोजकों का उद्देश्य समाज में प्रेम, सेवा, एकता और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना है।
प्रश्नोत्तर और कानूनी मार्गदर्शन
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को अपनी समस्याएं रखने और संबंधित विषयों पर प्रश्न पूछने का अवसर देने का प्रयास किया जाएगा। धार्मिक स्वतंत्रता, नागरिक अधिकारों, संस्थागत मामलों और सामाजिक समस्याओं से जुड़े सवालों पर व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
जागरण जनसेवा फाउंडेशन ने छत्तीसगढ़ के सभी मसीही परिवारों, पास्टरों, प्रचारकों, चर्च प्रतिनिधियों, महिला मंडलों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
कार्यक्रम 27 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे सेंट पॉल्स कैथेड्रल, रायपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम के जारीकर्ता ललित कुमार आड़े, जागरण जनसेवा फाउंडेशन, रायपुर हैं। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 7489378808 पर संपर्क किया जा सकता है।