बालोद: 5 करोड़ के विज्ञान केंद्र निर्माण पर रोक लगाने की मांग, राकेश कुमार यादव ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पथराटोला में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विज्ञान केंद्र के निर्माण पर पुनर्विचार करने की मांग उठी है। संजारी बालोद विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी और भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राकेश कुमार यादव ने 16 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर परियोजना की लागत, स्वीकृति प्रक्रिया और वित्तपोषण की जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य रोकने की मांग की है। उन्होंने खनन प्रभावित गांवों में पेयजल, सड़क, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही है।

Oct 24, 2026 - 11:24
Oct 24, 2026 - 11:51
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बालोद: 5 करोड़ के विज्ञान केंद्र निर्माण पर रोक लगाने की मांग, राकेश कुमार यादव ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पथराटोला में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विज्ञान केंद्र के निर्माण को लेकर सवाल उठाए गए हैं। संजारी बालोद विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राकेश कुमार यादव ने इस परियोजना पर पुनर्विचार करने और जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने 16 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं और सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है।

राकेश कुमार यादव ने पत्र में कहा है कि डौंडी विकासखंड आदिवासी बहुल और खनन प्रभावित क्षेत्र है। यहां के अनेक ग्रामीण परिवार आज भी सुरक्षित पेयजल, लाल पानी की समस्या, खराब सड़कों, नालियों, रोजगार और आजीविका जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से विज्ञान केंद्र बनाने की प्रस्तावित योजना की उपयोगिता, प्राथमिकता और वित्तीय व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक है।

उन्होंने मांग की है कि परियोजना की वास्तविक लागत, वित्तपोषण के स्रोत और प्रशासनिक स्वीकृति की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि की जाए। साथ ही यह स्पष्ट किया जाए कि निर्माण के लिए जिला खनिज न्यास निधि (DMF/DMFT) का उपयोग किया जा रहा है या नहीं। यादव ने जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की है।

विज्ञान शिक्षा का विरोध नहीं, जरूरतों को प्राथमिकता देने की मांग

राकेश कुमार यादव ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य विज्ञान या शिक्षा के विकास का विरोध करना नहीं है। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन का उपयोग इस तरह होना चाहिए, जिससे स्थानीय लोगों की वास्तविक जरूरतें पूरी हों और क्षेत्र को प्रत्यक्ष लाभ मिले। विकास का अर्थ केवल भवनों का निर्माण नहीं, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित पेयजल, बेहतर सड़कें, स्वच्छता, रोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना भी है।

परियोजना की स्वतंत्र जांच कराने की मांग

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में यादव ने प्रस्तावित विज्ञान केंद्र की लागत, स्वीकृति प्रक्रिया और जनोपयोगिता की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। उन्होंने परियोजना के चयन में किसी प्रकार के पक्षपात या व्यक्तिगत हितों की भूमिका होने की आशंका की भी जांच करने का आग्रह किया है। इसके अलावा विज्ञान केंद्र के संचालन, रखरखाव और कर्मचारियों पर होने वाले वार्षिक खर्च का आकलन सार्वजनिक करने की मांग उठाई है, ताकि परियोजना की दीर्घकालिक उपयोगिता का मूल्यांकन किया जा सके।

खनन प्रभावित गांवों में पेयजल और बुनियादी सुविधाओं पर जोर

यादव ने डौंडी क्षेत्र के गांवों में लाल पानी की समस्या की वैज्ञानिक जांच कराने और लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही सड़क निर्माण, नाली, स्वच्छता और रोजगारमूलक कार्यों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई गई है।

उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि विकास परियोजनाओं का चयन स्थानीय जरूरतों, जनहित और उपलब्ध संसाधनों के उचित उपयोग को ध्यान में रखकर किया जाए। प्रस्तावित विज्ञान केंद्र की उपयोगिता और लागत का आकलन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल, विज्ञान केंद्र की लागत, स्वीकृति और वित्तपोषण से संबंधित उठाए गए सवालों पर संबंधित विभागों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। यादव ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराकर आवश्यक निर्णय लेने की मांग की है।