चिरायु योजना ने लौटाई कृष्णा की नेत्र ज्योति, अब नियमित स्कूल जाकर कर रहा पढ़ाई

कवर्धा के वार्ड क्रमांक 9, ग्राम ध्वाडर्र निवासी कृष्णा कहार को दृष्टि संबंधी समस्या के कारण पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों में परेशानी हो रही थी। चिरायु योजना के तहत स्वास्थ्य जांच के बाद आवश्यक उपचार और ऑपरेशन कराया गया। उपचार के बाद कृष्णा की दृष्टि में सुधार हुआ और अब वह नियमित रूप से स्कूल जा रहा है। आंखों की रोशनी लौटने से उसकी पढ़ाई के प्रति रुचि और आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

Oct 5, 2026 - 18:41
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चिरायु योजना ने लौटाई कृष्णा की नेत्र ज्योति, अब नियमित स्कूल जाकर कर रहा पढ़ाई

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l समय पर स्वास्थ्य जांच और उचित उपचार किसी बच्चे के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। कवर्धा के वार्ड क्रमांक 9, ग्राम ध्वाडर्र निवासी कृष्णा कहार के जीवन में चिरायु योजना के माध्यम से ऐसा ही सकारात्मक बदलाव आया है। दृष्टि संबंधी समस्या के कारण कृष्णा को दैनिक गतिविधियों के साथ-साथ स्कूल जाने और पढ़ाई करने में भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। चिरायु योजना के तहत समय पर स्वास्थ्य जांच होने के बाद आवश्यक उपचार और ऑपरेशन कराया गया, जिसके बाद अब कृष्णा को पहले की तुलना में स्पष्ट दिखाई देने लगा है।

दृष्टि संबंधी परेशानी के चलते कृष्णा के लिए सामान्य गतिविधियां करना भी चुनौतीपूर्ण हो गया था। कक्षा में पढ़ाई के दौरान उसे देखने में परेशानी होती थी, जिसके कारण उसकी शिक्षा प्रभावित हो रही थी। परिवार भी बच्चे की समस्या को लेकर चिंतित था। इसी दौरान चिरायु योजना के अंतर्गत कृष्णा की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के बाद चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर आगे की उपचार प्रक्रिया शुरू की गई। आवश्यक ऑपरेशन के बाद उसकी दृष्टि में उल्लेखनीय सुधार हुआ और अब वह अपनी रोजमर्रा की गतिविधियां पहले से अधिक आसानी से कर पा रहा है।

उपचार के बाद कृष्णा के जीवन में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। अब वह नियमित रूप से स्कूल जाने लगा है और कक्षा में पढ़ाई करने में उसे पहले की तरह परेशानी नहीं होती। दृष्टि में सुधार होने के साथ उसकी पढ़ाई के प्रति रुचि भी बढ़ी है। वह अपनी किताबों और शैक्षणिक गतिविधियों पर बेहतर तरीके से ध्यान दे पा रहा है। इसके साथ ही उसके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है। पहले जिन कार्यों को करने में उसे परेशानी होती थी, अब वह उन्हें सहजता से करने का प्रयास करता है।

कृष्णा की स्थिति में आए बदलाव से उसके परिवार में भी खुशी का माहौल है। परिवार के अनुसार बच्चे की आंखों की समस्या को लेकर लगातार चिंता बनी हुई थी, लेकिन समय पर जांच और उपचार मिलने से उसकी स्थिति में सुधार आया। परिवार ने चिरायु योजना के माध्यम से मिली स्वास्थ्य सुविधा को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समय पर उपचार से बच्चे के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। परिवार ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, “अंधकारमय जीवन हुआ प्रकाश की ओर अग्रसर।”

चिरायु योजना का उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर आवश्यक जांच, उपचार और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस योजना के माध्यम से बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं को शुरुआती स्तर पर चिन्हित करने और जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। कृष्णा की कहानी इस बात का उदाहरण है कि समय पर स्वास्थ्य जांच और उचित उपचार से बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत चिरायु योजना के माध्यम से बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की पहल उनके स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कृष्णा के जीवन में लौटी दृष्टि ने न केवल उसकी दैनिक गतिविधियों को आसान बनाया है, बल्कि स्कूल जाने और पढ़ाई के प्रति उसका आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। समय पर मिली स्वास्थ्य सुविधा से अब कृष्णा अपने सपनों और पढ़ाई की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अधिक उत्साहित है।