छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, PV ऐप की समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर विरोध

छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ ने PV ऐप में फसल भौतिक सत्यापन से जुड़ी व्यवहारिक समस्याओं, लंबित पदोन्नति और वेतन विसंगति के निराकरण की मांग को लेकर 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू की है। संघ का आरोप है कि जमीनी परिस्थितियों और तकनीकी कठिनाइयों की अनदेखी कर पटवारियों पर काम पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा है। संघ ने समस्याओं का समाधान करने और दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।

Oct 14, 2026 - 10:47
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छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, PV ऐप की समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर विरोध

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारी संघ ने PV ऐप की व्यवहारिक समस्याओं और पटवारी संवर्ग की लंबित मांगों को लेकर 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी है। राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ के अनुसार, फसल भौतिक सत्यापन की वर्तमान प्रक्रिया में जमीनी स्तर पर कई कठिनाइयां सामने आ रही हैं। संघ का आरोप है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार मांग उठाने के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहीं की गई है। इसी के विरोध में प्रदेश के पटवारी हड़ताल पर बैठ गए हैं।

PV ऐप से सत्यापन में आ रही व्यवहारिक दिक्कतें

राजस्व पटवारी संघ का कहना है कि PV यानी फसल भौतिक सत्यापन ऐप के माध्यम से प्रत्येक खसरे तक पहुंचकर मौके पर फसल का सत्यापन करना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, संघ के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण प्रत्येक खेत तक पहुंचना और निर्धारित समय में सत्यापन पूरा करना कई स्थानों पर बेहद कठिन है। अनेक गांवों में खेतों तक पहुंचने के लिए उचित मार्ग उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा खेतों का विस्तृत क्षेत्रफल, मेड़ और राजस्व नक्शे के बीच अंतर तथा खेतों में जलभराव जैसी परिस्थितियां भी सत्यापन कार्य को प्रभावित कर रही हैं।

संघ ने विशेष रूप से गन्ना बाहुल्य क्षेत्रों की समस्या उठाई है। ऐसे क्षेत्रों में गन्ने की फसल के भीतर जाकर प्रत्येक खेत का भौतिक सत्यापन करना मुश्किल हो सकता है। इन परिस्थितियों में निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी खसरों का सत्यापन पूरा करना पटवारियों के लिए चुनौतीपूर्ण बताया गया है।

नक्शे और अभिलेखों की विसंगतियां भी बनी चुनौती

संघ के अनुसार, PV ऐप में कुछ ऐसे खसरे भी शामिल हो गए हैं, जिनका समावेश नक्शे में बटांकन अथवा अन्य अभिलेखीय विसंगतियों के कारण हुआ है। ऐसी स्थिति में मौके पर मौजूद खेत और राजस्व नक्शे का सही मिलान किए बिना सटीक भौतिक सत्यापन करना कठिन हो जाता है। संघ का कहना है कि इस तरह के मामलों में तकनीकी सहायता और आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता बेहद जरूरी है।

पटवारी संघ ने मांग की है कि सत्यापन कार्य को व्यावहारिक बनाने के लिए जियो रेफरेंसिंग शीट और मैप ओवरले जैसे तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। संघ का तर्क है कि जरूरी तकनीकी सुविधाओं के अभाव में कर्मचारियों पर समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने का दबाव बनाना उचित नहीं है। उसके मुताबिक, तकनीकी और जमीनी समस्याओं का समाधान किए बिना कार्य की समयसीमा तय करने से कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ती हैं।

निलंबन और स्थानांतरण की कार्रवाई पर भी नाराजगी

राजस्व पटवारी संघ का कहना है कि PV ऐप से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहले भी शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए थे। इन ज्ञापनों के माध्यम से सत्यापन कार्य में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों की जानकारी देते हुए समाधान की मांग की गई थी। संघ का आरोप है कि समस्याओं का निराकरण करने के बजाय कर्मचारियों पर काम पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही निलंबन और स्थानांतरण जैसी विभागीय कार्रवाई की स्थिति बनने से पटवारी संवर्ग में असंतोष बढ़ा है।

संघ ने स्पष्ट किया है कि वह सरकारी योजनाओं और राजस्व व्यवस्था के क्रियान्वयन के विरोध में नहीं है। उसका कहना है कि पटवारी संवर्ग लंबे समय से राजस्व संबंधी कार्यों और शासन की योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। विरोध का मुख्य कारण अव्यावहारिक कार्यप्रणाली, अनावश्यक दबाव और कर्मचारियों की न्यायसंगत मांगों की अनदेखी है।

पदोन्नति और वेतन विसंगति का मुद्दा भी शामिल

PV ऐप से जुड़ी समस्याओं के साथ-साथ पटवारी संघ ने पदोन्नति और वेतन विसंगति का मुद्दा भी उठाया है। संघ के मुताबिक, पटवारी संवर्ग की पदोन्नति लंबे समय से लंबित है और वेतन विसंगति दूर करने की मांग पर भी अब तक ठोस पहल नहीं हुई है। लगातार ज्ञापन और मांगें उठाने के बावजूद इन विषयों पर अपेक्षित निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है।

संघ का कहना है कि कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान करना जरूरी है, ताकि वे बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें। पदोन्नति और वेतन विसंगति जैसे मुद्दे लंबे समय से लंबित रहने के कारण प्रदेशभर के पटवारियों में असंतोष व्याप्त है। हड़ताल के माध्यम से संघ ने इन मांगों पर शासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है।

13 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल

राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ के अनुसार, इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर प्रदेश के पटवारी 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल हुए हैं। संघ के सदस्यों ने पंडाल में बैठकर अपना विरोध दर्ज कराया है। संघ ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि PV ऐप में आ रही व्यवहारिक समस्याओं का तकनीकी और व्यावहारिक समाधान किया जाए तथा कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने की प्रक्रिया रोकी जाए।

इसके साथ ही संघ ने निलंबन और स्थानांतरण जैसी दंडात्मक विभागीय कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। पदोन्नति और वेतन विसंगति के निराकरण के लिए भी जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की गई है।

शासन से शीघ्र समाधान की उम्मीद

राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ ने उम्मीद जताई है कि शासन कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से लेते हुए समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगा। संघ का कहना है कि PV ऐप से जुड़े तकनीकी मुद्दों को दूर करने और फसल सत्यापन की प्रक्रिया को जमीनी परिस्थितियों के अनुरूप बनाने से कार्य अधिक प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा।

फिलहाल संघ ने 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की घोषणा के अनुरूप आंदोलन आरंभ कर दिया है। संघ की प्रमुख मांगों में PV ऐप की व्यवहारिक कठिनाइयों का समाधान, आवश्यक तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता, अनावश्यक दबाव और दंडात्मक कार्रवाई पर रोक तथा लंबित पदोन्नति और वेतन विसंगति का निराकरण शामिल है। अब इस मामले में शासन-प्रशासन की ओर से होने वाली पहल पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।