UPI शुल्क पर व्यापारियों की आवाज बना छत्तीसगढ़ चेम्बर, दीपावली तक शुल्क स्थगित होने से मिली राहत

दीपावली और त्योहारी सीजन को देखते हुए UPI मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर MDR शुल्क स्थगित किए जाने के निर्णय का छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने स्वागत किया है। प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने इसे व्यापारियों के लिए राहतकारी कदम बताया और केंद्र व राज्य सरकार के प्रति आभार जताया। चेम्बर ने दीपावली के बाद भी व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े, इसके लिए शुल्क के स्थायी समाधान की मांग जारी रखने की बात कही है।

Oct 14, 2026 - 10:38
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UPI शुल्क पर व्यापारियों की आवाज बना छत्तीसगढ़ चेम्बर, दीपावली तक शुल्क स्थगित होने से मिली राहत

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l दीपावली और आगामी त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए UPI मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क को दीपावली के बाद तक स्थगित करने के निर्णय का छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने स्वागत किया है। चेम्बर ने इसे व्यापारियों के लिए राहत देने वाला कदम बताते हुए केंद्र और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। चेम्बर के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि त्योहारी सीजन में डिजिटल लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क का संभावित बोझ व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को प्रभावित कर सकता था।

त्योहारी सीजन में व्यापारियों को राहत

सतीश थौरानी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि त्योहारी सीजन व्यापार जगत के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। धनतेरस और दीपावली के दौरान खुदरा एवं थोक बाजारों में बड़े पैमाने पर खरीदारी होती है और डिजिटल माध्यमों से भी बड़ी राशि का लेन-देन किया जाता है। ऐसे समय में UPI भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लागू होने से व्यापारियों के खर्च में बढ़ोतरी की आशंका थी। इसका असर डिजिटल भुगतान को अपनाने वाले उपभोक्ताओं और कैशलेस अर्थव्यवस्था की गति पर भी पड़ सकता था।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक UPI भुगतान का व्यापक उपयोग हो रहा है। ग्राहक भी नकद राशि के बजाय मोबाइल से भुगतान करने को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में डिजिटल लेन-देन को सरल और सुविधाजनक बनाए रखना आवश्यक है। चेम्बर के अनुसार, त्योहारी सीजन में शुल्क स्थगित होने से व्यापारियों को तत्काल राहत मिलेगी और बाजार में डिजिटल भुगतान की प्रक्रिया सहज बनी रह सकेगी।

व्यापारियों की चिंताओं को सरकार के सामने रखा

चेम्बर अध्यक्ष ने बताया कि UPI शुल्क को लेकर व्यापारियों के बीच चिंताएं सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने इस विषय पर तत्काल संज्ञान लिया। संगठन ने व्यापारियों की भावनाओं और हितों को केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार के समक्ष रखा। इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी के सामने व्यापारियों की समस्याओं और बाजार की परिस्थितियों को तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया।

सतीश थौरानी के अनुसार, व्यापारियों की मांग और त्योहारी सीजन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संबंधित स्तर पर निर्णय लिया गया, जिसके तहत MDR शुल्क को दीपावली तक स्थगित किया गया है। चेम्बर ने इस निर्णय को व्यापारियों के हित में सकारात्मक कदम बताया है। संगठन का कहना है कि समय पर मिली राहत से व्यापारियों को त्योहार के दौरान अपने कारोबार पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।

केंद्र और राज्य सरकार के प्रति जताया आभार

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है। चेम्बर के मुताबिक, व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए राहत देने वाला निर्णय लिया जाना व्यापारिक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है।

संगठन ने कहा कि छोटे, मध्यम और खुदरा व्यापारियों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए नीतिगत निर्णय लिए जाने चाहिए। त्योहारी सीजन में कारोबार का दबाव बढ़ जाता है और दुकानदारों को माल की खरीद, कर्मचारियों के भुगतान, परिवहन तथा अन्य व्यावसायिक खर्चों का प्रबंधन करना पड़ता है। ऐसे में किसी भी अतिरिक्त शुल्क से उनके लाभ पर असर पड़ने की आशंका रहती है।

दीपावली के बाद स्थायी समाधान के लिए जारी रहेगा प्रयास

सतीश थौरानी ने स्पष्ट किया कि शुल्क स्थगित होने से फिलहाल त्योहारी सीजन तक राहत मिली है, लेकिन चेम्बर व्यापारियों के हितों की सुरक्षा को लेकर आगे भी सक्रिय रहेगा। संगठन का कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को प्रोत्साहित करने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि व्यापारियों पर अनुचित वित्तीय बोझ न पड़े।

उन्होंने कहा कि दीपावली के बाद भी इस विषय पर केंद्र सरकार और संबंधित विभागों के साथ संवाद जारी रखा जाएगा। चेम्बर शुल्क से जुड़े मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए अपना पक्ष मजबूती से रखेगा, ताकि छोटे दुकानदारों, मध्यम व्यापारियों और खुदरा कारोबारियों को भविष्य में भी अनावश्यक वित्तीय दबाव का सामना न करना पड़े।

चेम्बर के अनुसार, डिजिटल इंडिया अभियान की मूल भावना यही है कि भुगतान व्यवस्था अधिक आसान, पारदर्शी और व्यापक हो। यदि डिजिटल भुगतान के उपयोग को बढ़ावा देना है, तो व्यापारियों के लिए इसे आर्थिक रूप से व्यावहारिक बनाए रखना भी जरूरी है। संगठन चाहता है कि ग्राहक और व्यापारी दोनों बिना अतिरिक्त वित्तीय चिंता के डिजिटल भुगतान का लाभ उठा सकें।

व्यापारियों के हितों के लिए प्रतिबद्ध चेम्बर

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने दोहराया कि वह प्रदेश के व्यापारियों के स्वाभिमान, आर्थिक हितों और कारोबारी सुविधाओं की रक्षा के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा। संगठन का कहना है कि व्यापारियों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाना और उनके समाधान के लिए संवाद करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

चेम्बर के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से संगठन का पक्ष साझा किया। चेम्बर ने उम्मीद जताई कि दीपावली तक MDR शुल्क स्थगित रहने से व्यापारियों को राहत मिलेगी और आगामी त्योहारों के दौरान बाजार में डिजिटल लेन-देन की प्रक्रिया सुचारु रूप से जारी रहेगी।

फिलहाल शुल्क स्थगित होने का निर्णय त्योहारी सीजन के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है। दीपावली के बाद इस व्यवस्था को लेकर क्या निर्णय होता है, इस पर व्यापारियों और व्यापारिक संगठनों की नजर बनी रहेगी।