भिलाई में भारी बारिश के बीच मनाया गया शुकराना महोत्सव, इको-फ्रेंडली गणपति विसर्जन का लिया संकल्प

भिलाई के 32 एकड़ हाउसिंग बोर्ड स्थित साईं झूलेलाल धाम में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर त्रयोदश शुकराना महोत्सव आयोजित किया गया। भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। भागवत पाठ, सुखमनी साहिब पाठ, गणेश आराधना, आरती और अरदास के बाद इको-फ्रेंडली गणपति विसर्जन का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

Sep 27, 2026 - 09:19
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भिलाई में भारी बारिश के बीच मनाया गया शुकराना महोत्सव, इको-फ्रेंडली गणपति विसर्जन का लिया संकल्प

UNITED NEWS OF ASIA. लोकेश्वर सिंह, भिलाई l अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर 32 एकड़ हाउसिंग बोर्ड स्थित साईं झूलेलाल धाम में त्रयोदश शुकराना महोत्सव का आयोजन किया गया। आदर्श सिंध ब्रादर मंडल एवं महिला मंडली के संयुक्त आयोजन में भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेश भी दिए गए। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने प्रकृति के संरक्षण और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक पाठ के साथ हुई। श्रद्धालुओं की उपस्थिति में भागवत पाठ और सुखमनी साहिब पाठ का आयोजन किया गया। इसके बाद भगवान गणेश की आराधना की गई और विधि-विधान से आरती एवं अरदास संपन्न हुई। पल्लव कार्यक्रम के बाद गणपति विसर्जन को लेकर संकल्प सभा आयोजित की गई, जिसमें पर्यावरण-अनुकूल तरीके से गणेश प्रतिमा विसर्जन करने के महत्व पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर “मिट्टी का गणेश, प्रकृति का संदेश” की थीम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। श्रद्धालुओं ने इको-फ्रेंडली गणेश उत्सव को बढ़ावा देने, जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। आयोजन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है।

भारी बारिश के कारण कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की उपस्थिति सीमित रही। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रतिभा सम्मान समारोह को स्थगित कर दिया गया। आयोजकों के अनुसार, सम्मान समारोह का आयोजन बाद में किया जा सकता है। इसके बावजूद धार्मिक कार्यक्रमों का क्रम जारी रहा और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक आयोजन में भाग लिया।

गणपति विसर्जन के संदर्भ में आयोजित संकल्प सभा में जल संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। श्रद्धालुओं को प्राकृतिक जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने तथा विसर्जन के दौरान पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए इको-फ्रेंडली विकल्प अपनाने का संदेश दिया गया। आयोजन में स्वच्छता को धार्मिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए लोगों को अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच भोग-प्रसाद का वितरण किया गया। भारी बारिश के बीच आयोजित इस शुकराना महोत्सव में धार्मिक श्रद्धा के साथ पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश प्रमुख रूप से सामने आया। आयोजन ने श्रद्धालुओं को धार्मिक परंपराओं के साथ प्रकृति और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। रिपोर्टर लोकेश्वर सिंह ठाकुर।