उप मुख्यमंत्री अरुण साव गुजरात में राष्ट्रीय चिंतन शिविर में हुए शामिल, सड़क परियोजनाओं और रोड सेफ्टी पर मंथन
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव गुजरात के नर्मदा में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर में शामिल हुए। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा ‘गतिशक्ति से प्रगति’ थीम पर आयोजित शिविर में विभिन्न राज्यों के मंत्री, अधिकारी, विशेषज्ञ और नीति निर्माता सड़क निर्माण, भूमि अधिग्रहण, परियोजना क्रियान्वयन, सुरक्षित डिजाइन, गुणवत्ता और रोड सेफ्टी को लेकर मंथन कर रहे हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव गुजरात के नर्मदा में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर में शामिल हुए। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा ‘गतिशक्ति से प्रगति’ थीम पर आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर में सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को बेहतर बनाने को लेकर विभिन्न राज्यों के मंत्री, अधिकारी, विशेषज्ञ और नीति निर्माता मंथन कर रहे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने चिंतन शिविर का शुभारंभ किया। इस दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा भी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय चिंतन शिविर में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सड़क निर्माण से जुड़े विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री अरुण साव के साथ लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव और राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप भी शामिल हुए। शिविर का उद्देश्य सड़क निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए साझा रणनीति और बेहतर कार्यप्रणाली तैयार करना है।
चिंतन शिविर के पहले दिन विभिन्न सत्रों में भविष्य में बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की डिजाइन, गुणवत्ता, रोड सेफ्टी और परियोजना प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें पीएम गतिशक्ति के माध्यम से एकीकृत अधोसंरचना नियोजन, भूमि अधिग्रहण में तेजी, भूमि राशि के प्रभावी उपयोग और परियोजनाओं के मजबूत क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने अपने विचार रखे।
पहले दिन के सत्रों में ‘पीएम गतिशक्ति—समन्वित और प्रभावी परियोजना क्रियान्वयन के लिए एकीकृत अधोसंरचना नियोजन’, ‘भूमि अधिग्रहण में तेजी और भूमि राशि का प्रभावी उपयोग’ तथा ‘सुदृढ़ परियोजना क्रियान्वयन और रेटिंग के लिए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट फ्रेमवर्क’ जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इन चर्चाओं के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को कम करने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया।
छत्तीसगढ़ के लिए यह चिंतन शिविर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में कई प्रमुख फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की कार्ययोजना पर काम चल रहा है। रायपुर से जगदलपुर, बिलासपुर से रायगढ़, कटघोरा से अंबिकापुर और रायपुर से सारंगढ़ तक फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्गों की योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। राष्ट्रीय चिंतन शिविर में तैयार होने वाले विभिन्न फ्रेमवर्क और परियोजना प्रबंधन से जुड़े सुझाव इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
चिंतन शिविर के दूसरे दिन 6 अक्टूबर को सुरक्षित राजमार्गों के डिजाइन और उनके क्रियान्वयन तथा गुणवत्ता आश्वासन एवं परियोजना मॉनिटरिंग जैसे विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है। इसमें सड़क सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने, निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और परियोजनाओं की प्रभावी निगरानी को लेकर मंथन किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन से विभिन्न राज्यों के बीच सड़क निर्माण के क्षेत्र में अनुभव और तकनीकी जानकारी साझा करने का अवसर भी मिल रहा है।