भिलाई के साईं झूलेलाल धाम में 16वां शुकराना महोत्सव संपन्न, कन्या पूजन और अन्न संरक्षण का दिया संदेश
छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित 32 एकड़ हाउसिंग बोर्ड के साईं झूलेलाल धाम में आदर्श सिंध ब्रादर मंडल और महिला मंडल द्वारा 16वें शुकराना महोत्सव का आयोजन किया गया। शारदीय नवरात्रि की षष्ठी पर माँ हिंगलाज और माँ कात्यायनी की आराधना के साथ नौ कन्याओं का चरण पूजन, भोज और उपहार वितरण किया गया। विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर अन्न की बर्बादी रोकने और बेटियों को शक्ति का स्वरूप मानकर सम्मान देने का संदेश दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. लोकेश्वर सिंह ठाकुर, भिलाई l भिलाई के 32 एकड़ हाउसिंग बोर्ड स्थित साईं झूलेलाल धाम में 16वां शुकराना महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सेवा के संगम के साथ संपन्न हुआ। आदर्श सिंध ब्रादर मंडल और महिला मंडल द्वारा आयोजित इस धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम में शारदीय नवरात्रि की षष्ठी के अवसर पर कुलदेवी माँ हिंगलाज और माँ कात्यायनी की विशेष आराधना की गई। इसके साथ ही विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर अन्न के महत्व को समझने, भोजन की बर्बादी रोकने और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता रखने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
महोत्सव का शुभारंभ साईं झूलेलाल जी के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद धार्मिक अनुष्ठान, शुकराना प्रार्थना और अन्य पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने देवी आराधना कर परिवार, समाज और सभी के कल्याण की कामना की। आयोजन में धार्मिक परंपराओं के साथ सामाजिक सरोकारों को भी विशेष महत्व दिया गया।
नवरात्रि के पावन अवसर पर नौ कन्याओं का विधिवत चरण पूजन किया गया। कन्याओं को भोज कराया गया और उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। इस आयोजन के माध्यम से बेटियों के सम्मान, उनकी गरिमा और समाज में उनके महत्वपूर्ण स्थान का संदेश दिया गया। आयोजकों ने ‘बेटियाँ हैं शक्ति का स्वरूप’ का संदेश देते हुए कहा कि बेटियों का सम्मान करना और उन्हें समान अवसर प्रदान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कन्या पूजन के माध्यम से भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर समाज अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र कृष्णानी और महिला मंडल अध्यक्ष लक्ष्मी नागदेव ने अन्न के महत्व पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अन्न केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। भोजन की बर्बादी रोकना और उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने उपस्थित लोगों को अन्न का सम्मान करने, जरूरत के अनुसार भोजन लेने और अतिरिक्त भोजन को व्यर्थ न जाने देने का संकल्प दिलाया। इस संदेश के माध्यम से समाज में खाद्य संरक्षण और जरूरतमंदों के प्रति सहयोग की भावना को प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में शुकराना प्रार्थना, पल्लव, संकल्प सभा, आरती और भोग-प्रसाद जैसे धार्मिक आयोजन भी संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। आदर्श सिंध ब्रादर मंडल तथा महिला मंडल की सहभागिता से आयोजित इस महोत्सव में धार्मिक आस्था, सामाजिक एकजुटता और सेवा भावना का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
साईं झूलेलाल धाम में आयोजित 16वें शुकराना महोत्सव ने नवरात्रि की भक्ति के साथ कन्या सम्मान और अन्न संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। आयोजन का समापन श्रद्धा, उल्लास और सामूहिक सद्भाव के वातावरण में हुआ।