पितृ पक्ष की अष्टमी पर सिंधी समाज ने मनाया महालक्ष्मी पर्व, कथा सुनकर की सुख-समृद्धि की प्रार्थना
पितृ पक्ष की अष्टमी पर साईं झूलेलाल धाम, 32 एकड़ हाउसिंग बोर्ड भिलाई में सिंधी समाज ने पारंपरिक महालक्ष्मी पर्व श्रद्धा से मनाया।
UNITED NEWS OF ASIA. लोकेश्वर सिंह ठाकुर, भिलाई l पितृ पक्ष की अष्टमी के अवसर पर भिलाई के 32 एकड़ हाउसिंग बोर्ड स्थित साईं झूलेलाल धाम में सिंधी समाज ने अपने पारंपरिक और पौराणिक महालक्ष्मी पर्व को श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया। पर्व के दौरान समाज की महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और सुरक्षा की कामना करते हुए विधि-विधान से महालक्ष्मी माता की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग धार्मिक आयोजन में शामिल हुए और पौराणिक कथा का श्रवण किया।
महालक्ष्मी पर्व के अवसर पर महिलाओं ने सबसे पहले परिवार के सदस्यों की रक्षा की कामना से रक्षासूत्र, जिसे सगड़ा भी कहा जाता है, बांधा। परिवार के सदस्यों को रक्षासूत्र बांधने के बाद इसे सोरी यानी प्रसाद में भी बांधा गया। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों की संख्या के अनुसार दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इसके बाद श्रद्धालु साईं झूलेलाल धाम स्थित मंदिर पहुंचे और महालक्ष्मी पर्व से जुड़ी पौराणिक कथा सुनी।
पूजा-अर्चना के दौरान महालक्ष्मी माता को सेवईं सहित विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। श्रद्धालुओं ने परिवार और समाज के सभी लोगों के लिए सुख, शांति, आरोग्य एवं कल्याण की प्रार्थना की। पर्व के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ महालक्ष्मी माता का स्मरण किया।
इस अवसर पर कथावाचक कमला भगत ने महालक्ष्मी व्रत से जुड़ी पौराणिक कथा का वाचन किया। उन्होंने उज्जैन के राजा और महालक्ष्मी व्रत से संबंधित कथा सुनाकर पर्व के धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी दी। श्रद्धालुओं ने पूरे मनोयोग से कथा का श्रवण किया। कथा के दौरान महालक्ष्मी माता की आराधना और व्रत से जुड़ी मान्यताओं को भी बताया गया।
सिंधी समाज के इस पारंपरिक पर्व में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता भी देखने को मिली। आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को समाज की पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों से जोड़ने का प्रयास भी दिखाई दिया। महिलाओं ने पूजा की तैयारियों में भाग लिया और परिवार की खुशहाली के लिए सामूहिक रूप से प्रार्थना की।
कार्यक्रम के दौरान समाज के अध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र कृष्णानी और महिला मंडल अध्यक्ष लक्ष्मी नागदेव ने समाज के सभी लोगों को महालक्ष्मी पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पर्व को आपसी एकता, श्रद्धा और पारिवारिक सुख-समृद्धि से जोड़ते हुए सभी के लिए मंगलकामना की।
पितृ पक्ष की अष्टमी पर आयोजित यह महालक्ष्मी पर्व सिंधी समाज की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का परिचायक रहा। पूजा, कथा, दीप प्रज्ज्वलन, प्रसाद और सामूहिक प्रार्थना के साथ पर्व का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ।