कोंडागांव में तेंदुए के हमले से महिला की मौत, कई लोग घायल; वन विभाग ने किया तेंदुए का सफल रेस्क्यू

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव और केशकाल वनमंडल क्षेत्र में तेंदुए के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। 14 से 16 अक्टूबर 2026 के बीच कारीपानी (बोरई), बस्तरबुडरा और आमगांव क्षेत्र में तेंदुए के हमलों में कई लोग घायल हुए। गंभीर रूप से घायल रमशिला मंडावी की उपचार के दौरान मौत हो गई। लगातार बदलती लोकेशन के कारण वन विभाग की टीम को रेस्क्यू अभियान में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। आखिरकार 16 अक्टूबर को सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व और वनमंडल केशकाल की संयुक्त टीम ने तेंदुए का सफल रेस्क्यू किया। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और वन्यजीव दिखाई देने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है।

Oct 16, 2026 - 18:20
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कोंडागांव में तेंदुए के हमले से महिला की मौत, कई लोग घायल; वन विभाग ने किया तेंदुए का सफल रेस्क्यू

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l छत्तीसगढ़ के सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व और वनमंडल केशकाल क्षेत्र में तेंदुए के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। 14 से 16 अक्टूबर 2026 के बीच कारीपानी (बोरई), बस्तरबुडरा और आमगांव क्षेत्र में तेंदुए के हमलों में कई लोग घायल हुए। इस दौरान गंभीर रूप से घायल रमशिला मंडावी की उपचार के दौरान मौत हो गई। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए वन विभाग की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया और 16 अक्टूबर को तेंदुए का सफल रेस्क्यू किया।

कारीपानी और बस्तरबुडरा में कई लोगों पर हमला

वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व क्षेत्र के ग्राम कारीपानी (बोरई) में तेंदुए ने तीन लोगों पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही टाइगर रिजर्व के संचालक और उनकी टीम मौके पर पहुंची तथा स्थिति का जायजा लिया।

इसके बाद 15 अक्टूबर की सुबह करीब 5 बजे वनमंडल केशकाल के ग्राम बस्तरबुडरा में तेंदुए द्वारा पांच लोगों पर हमला किए जाने की सूचना मिली। वन विभाग की टीम ने तत्काल पहुंचकर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विश्रामपुरी पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल दुवारू, पिता बिसरू, को जिला अस्पताल कांकेर रेफर किया गया, जबकि रमशिला मंडावी, पति नंदेश, को जिला अस्पताल कोंडागांव भेजा गया। उपचार के दौरान रमशिला मंडावी की मृत्यु हो गई।

लगातार बदलती लोकेशन से रेस्क्यू में आई चुनौती

लगातार हमलों की गंभीरता को देखते हुए वनमंडल केशकाल के उप वनमंडलाधिकारी, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। हालांकि, तेंदुआ लगातार अपना स्थान बदल रहा था, जिसके कारण शुरुआती प्रयासों में उसे पकड़ने में सफलता नहीं मिली।
ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास के गांवों में कोटवार के माध्यम से मुनादी कराई गई। लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और सुनसान स्थानों पर अकेले जाने से बचने की सलाह दी गई। इसी दिन शाम करीब 6 बजे कारीपानी क्षेत्र में तेंदुए ने फिर दो लोगों पर हमला कर दिया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने रात में भी अभियान जारी रखा।

16 अक्टूबर को सफल हुआ रेस्क्यू अभियान

16 अक्टूबर की सुबह बहीगांव-आमानार क्षेत्र के आसपास तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिली। इसके बाद आमगांव में तेंदुए द्वारा चार लोगों पर हमला किए जाने की जानकारी सामने आई। सूचना मिलते ही सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची। तेंदुए की लोकेशन का पता लगाकर संयुक्त प्रयासों से उसका सफल रेस्क्यू किया गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की

वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल, झाड़ियों, खेतों और सुनसान स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की है। जरूरी काम से बाहर निकलने पर समूह में जाने और किसी भी हिंसक वन्यजीव के दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है।

विभाग के अनुसार, सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व और वनमंडल केशकाल की संयुक्त टीमें संबंधित क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं। तेंदुए के रेस्क्यू के बाद भी ग्रामीणों की सुरक्षा और अन्य वन्यजीवों की संभावित मौजूदगी को देखते हुए सतर्कता बरतना जरूरी है।