कोंडागांव में कॉटन गद्दा निर्माण इकाई का शुभारंभ, कपड़ों के अपशिष्ट से बनेंगे गद्दे; स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में बड़ेकनेरा मार्ग स्थित सर्व मांगलिक भवन में कॉटन गद्दा निर्माण इकाई का शुभारंभ किया गया। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक लता उसेंडी ने इकाई का उद्घाटन किया। जिला प्रशासन की लगभग 5 लाख रुपये की लागत से स्थापित इस इकाई में गारमेंट फैक्ट्री से निकलने वाले कपड़ों के अपशिष्ट से कॉटन गद्दे, कुशन और तकिए तैयार किए जाएंगे। वर्तमान में यहां 10 हितग्राही कार्यरत हैं। इस पहल का लक्ष्य लगभग 30 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराना और पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देना है।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में कपड़ों के अपशिष्ट का उपयोग कर रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। बड़ेकनेरा मार्ग स्थित सर्व मांगलिक भवन में कॉटन गद्दा निर्माण इकाई का शुभारंभ किया गया। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने इकाई का उद्घाटन किया। इस अवसर पर कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना, नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इकाई के शुभारंभ पर विधायक लता उसेंडी ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गारमेंट फैक्ट्री से निकलने वाले कपड़ों के अवशेष से गद्दे तैयार करने की पहल सराहनीय है। इससे एक ओर स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर कपड़ों के अपशिष्ट का उपयोगी पुनः उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हितग्राहियों को पूरी लगन और ईमानदारी से काम सीखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य में दक्षता हासिल करने से व्यक्ति अपनी अलग पहचान बना सकता है और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकता है।
नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल ने भी इस पहल को उपयोगी बताते हुए कहा कि गारमेंट फैक्ट्री से निकलने वाले कपड़ों के अपशिष्ट से गद्दे बनाने से स्थानीय स्तर पर उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कार्यकुशलता विकसित करने और भविष्य में स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने बताया कि जिला प्रशासन की पहल का मुख्य उद्देश्य गारमेंट फैक्ट्री से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों का बेहतर प्रबंधन करना और स्थानीय लोगों को आजीविका से जोड़ना है। इस इकाई के माध्यम से बेकार कपड़ों को उपयोगी उत्पादों में बदला जाएगा। इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
जिला प्रशासन, कोंडागांव की पहल पर लगभग 5 लाख रुपये की लागत से स्थापित इस इकाई में कॉटन गद्दे, कुशन और तकिए तैयार किए जाएंगे। वर्तमान में यहां 10 हितग्राही कार्यरत हैं। इकाई के माध्यम से प्रत्येक हितग्राही को लगभग 7,500 से 10,000 रुपये तक मासिक आय मिलने की संभावना जताई गई है। इस पहल के तहत लगभग 30 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
इकाई की अनुमानित उत्पादन क्षमता प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 8 से 10 गद्दे तैयार करने की है। यहां महिलाओं, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और दिव्यांग युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है। यह पहल ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा पर आधारित है, जिसके तहत अपशिष्ट को उपयोगी उत्पादों में बदलकर पर्यावरण संरक्षण और समावेशी आजीविका को प्रोत्साहित किया जाएगा।
कार्यक्रम में पार्षद संतोष पात्रे, ललित देवांगन, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक हिमालय सेठिया, लाइवलीहुड कॉलेज के प्रभारी अधिकारी पुनेश्वर वर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कोंडागांव में शुरू हुई यह इकाई स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।