फरसियां महामाई धाम में पंचमी पर होगा माता का विशेष श्रृंगार, 647 मनोकामना ज्योतियों से जगमगा रहा दरबार

नवरात्र पर्व के अवसर पर फरसियां स्थित माँ महामाई धाम में श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल है। मंदिर में 647 मनोकामना ज्योतियां प्रज्वलित की गई हैं, जिनसे माता का दरबार दिव्य आभा से जगमगा रहा है। पंचमी के पावन अवसर पर महामाई माता का विशेष श्रृंगार और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। मंदिर में जसगीत, माता सेवा, दर्शन और भोजन भंडारे की व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

Oct 14, 2026 - 15:49
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फरसियां महामाई धाम में पंचमी पर होगा माता का विशेष श्रृंगार, 647 मनोकामना ज्योतियों से जगमगा रहा दरबार

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l नवरात्र पर्व के पावन अवसर पर फरसियां स्थित माँ महामाई धाम में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है। सप्तऋषियों की तपोभूमि और माँ महानदी के उद्गम स्थल के रूप में विख्यात इस धाम में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है। मंदिर परिसर में प्रज्वलित 647 मनोकामना ज्योतियां पूरे दरबार को दिव्य आभा से आलोकित कर रही हैं। पंचमी के पावन अवसर पर महामाई माता का विशेष श्रृंगार किया जाएगा और विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न होगी।

मंदिर समिति के अध्यक्ष शिवदयाल साहू, सचिव नीरज सोन और कैलाश सोन ने बताया कि नवरात्र के दौरान पंचमी तिथि पर माता का आकर्षक और भव्य श्रृंगार किया जाएगा। इस अवसर पर श्रद्धालु माता के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य, शांति और खुशहाली की कामना करेंगे। मंदिर परिसर में पूजा-पाठ, भक्ति गीतों और माता की आराधना से भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। पंचमी के विशेष आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है।

महामाई धाम में इस वर्ष कुल 647 मनोकामना ज्योतियां प्रज्वलित की गई हैं। श्रद्धालु इन ज्योतियों के माध्यम से अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति, परिवार की सुख-शांति और जीवन में सकारात्मकता की कामना कर रहे हैं। ज्योतियों की लौ से मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। माँ महामाई के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ आसपास के अन्य राज्यों से भी भक्त यहां पहुंचकर मनोकामना ज्योतियां प्रज्वलित करवाते हैं।

कुंड के पवित्र जल के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था

माँ महामाई धाम में स्थित कुंड के पवित्र जल के प्रति भी श्रद्धालुओं की विशेष आस्था है। स्थानीय जनमान्यता के अनुसार, इस जल को माता की कृपा और आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। कुछ श्रद्धालु इसके उपयोग से शारीरिक कष्टों में राहत मिलने के अनुभव भी साझा करते हैं। हालांकि, जल के चमत्कारिक या चिकित्सकीय प्रभावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद कुंड से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं क्षेत्र की आस्था और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

माता के दरबार में प्रतिदिन विभिन्न सेवा मंडलियों द्वारा माता सेवा की जाती है। भक्ति गीतों, जसगीतों और माता की महिमा के गुणगान से पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर रहता है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भोजन भंडारे की व्यवस्था भी की जाती है, जहां भक्त माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण करते हैं। सेवा और समर्पण की यह परंपरा सामाजिक सहयोग तथा परोपकार की भावना को मजबूत करती है।

माँ महामाई धाम फरसियां में नवरात्र का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, सामूहिक सहभागिता और सेवा भावना का भी प्रतीक है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु माता के दर्शन कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं। पंचमी पर होने वाला विशेष श्रृंगार, 647 मनोकामना ज्योतियों की दिव्य रोशनी, भजन-कीर्तन और भंडारे की परंपरा इस धाम को नवरात्र के दौरान विशेष धार्मिक महत्व प्रदान करती है।