चिरमिरी में 1.74 करोड़ की सड़क निर्माण पर विवाद, गुणवत्ता और नगर निगम की निगरानी पर उठे सवाल

एमसीबी जिले के चिरमिरी में हल्दीबाड़ी से बड़ा बाजार तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण विवादों में घिर गया है। लगभग 1.74 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़क में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल समेत कई अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं महापौर रामनरेश राय ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच कराने की बात कही है।

Oct 14, 2026 - 16:10
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चिरमिरी में 1.74 करोड़ की सड़क निर्माण पर विवाद, गुणवत्ता और नगर निगम की निगरानी पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, एमसीबी। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के चिरमिरी में करीब 1 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत से बन रही सड़क को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हल्दीबाड़ी से बड़ा बाजार तक लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। निर्माण में कथित अनियमितताओं और सामग्री की गुणवत्ता पर उठ रही आपत्तियों के बाद नगर निगम की निगरानी व्यवस्था भी चर्चा में आ गई है। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और निर्माण कार्य में सामने आई खामियों को दूर करने की मांग की है।

निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल

आरोपों के अनुसार, सड़क निर्माण के दौरान कुछ स्थानों पर पुरानी नाली के बेस का इस्तेमाल कर दीवार बनाने और गिट्टी में मिट्टी मिले होने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। इसके अलावा पाइप कटिंग के दौरान घरेलू गैस सिलेंडर के कथित इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही उनकी वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है।

कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच की मांग की

कांग्रेस के चिरमिरी ब्लॉक अध्यक्ष शिवांस जैन ने सड़क निर्माण में कथित गड़बड़ियों को लेकर जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि जब सड़क निर्माण पर सार्वजनिक धन से करीब 1.74 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और कार्य की नियमित निगरानी करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने मांग की है कि निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन किया जाएगा।

नगर निगम की निगरानी पर उठे सवाल

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी किस स्तर पर की जा रही है। क्या संबंधित अधिकारी नियमित रूप से मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर रहे हैं? क्या निर्माण सामग्री और तकनीकी मानकों की जांच की जा रही है? सड़क निर्माण के दौरान यदि कोई कमी सामने आती है, तो उसे समय रहते दूर करने की जिम्मेदारी किसकी होगी? इन सवालों के जवाब जांच और संबंधित विभाग की रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेंगे।

महापौर ने जांच कराने की बात कही

मामले को लेकर चिरमिरी नगर निगम के महापौर रामनरेश राय ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर जांच कराने की बात कही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में कोई तकनीकी खामी या अनियमितता सामने आती है या नहीं। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो निर्माण की गुणवत्ता सुधारने और नियमानुसार कार्रवाई करने की जरूरत होगी।

करीब 1 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत से बन रही यह सड़क स्थानीय लोगों के आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में नागरिकों की अपेक्षा है कि निर्माण कार्य मजबूत, टिकाऊ और निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। फिलहाल सड़क निर्माण पर लगे आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। अब सबकी नजर जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता संबंधी नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।