छत्तीसगढ़ में 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग, कांग्रेस ने 3358 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान की उठाई आवाज
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार से एक नवंबर से धान खरीदी शुरू करने और सभी किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने की मांग की है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने किसानों को 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से धान खरीदी का लाभ देने तथा 3358 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान की मांग उठाई है। कांग्रेस ने पिछले सीजन में टोकन, बारदाना, गिरदावरी और रकबा सत्यापन से जुड़ी समस्याओं का हवाला देते हुए इस बार किसानों को परेशानी से बचाने के लिए पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में आगामी खरीफ विपणन वर्ष के लिए धान खरीदी की तारीख घोषित करने और किसानों को उचित मूल्य दिलाने की मांग तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार से एक नवंबर से धान खरीदी शुरू करने, सभी किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से धान खरीदने की मांग की है। कांग्रेस ने किसानों को 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान करने की मांग भी उठाई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि धान खरीदी की तारीख घोषित नहीं होने से किसानों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
सुशील आनंद शुक्ला के अनुसार, एक नवंबर तक किसानों की धान की फसल खेतों से खलिहानों तक पहुंच जाती है और उपज बिक्री के लिए तैयार रहती है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद से राज्योत्सव के अवसर पर धान खरीदी शुरू करने की परंपरा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि पिछले दो वर्षों में भाजपा सरकार ने धान खरीदी लगभग पंद्रह दिन देरी से शुरू की। पार्टी ने आशंका जताई है कि इस वर्ष भी खरीदी में देरी से किसानों को परेशानी हो सकती है। कांग्रेस ने सरकार से जल्द तारीख घोषित कर खरीदी केंद्रों और पंजीयन की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
धान की कीमत को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी में की गई वृद्धि का हवाला दिया है। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि वर्ष 2023 में किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया गया था। कांग्रेस के अनुसार, इसके बाद एमएसपी में कुल 258 रुपये की वृद्धि को जोड़ते हुए किसानों को 3358 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान किया जाना चाहिए। पार्टी ने महंगाई का हवाला देते हुए वर्तमान दर को अपर्याप्त बताया और राज्य सरकार से किसानों को प्रस्तावित राशि देने की घोषणा करने की मांग की है। यह दर कांग्रेस की मांग है, न कि सरकार द्वारा घोषित भुगतान दर।
कांग्रेस ने पिछले खरीफ सीजन में धान बेचने के दौरान किसानों को हुई परेशानियों का भी मुद्दा उठाया। पार्टी के मुताबिक, टोकन प्राप्त करने, बारदाना उपलब्ध होने, धान के उठाव, गिरदावरी और रकबा सत्यापन जैसी समस्याओं के कारण कई किसानों को अपनी उपज बेचने में कठिनाई हुई थी। कांग्रेस ने दावा किया कि अनेक किसान अपनी पूरी उपज नहीं बेच पाए। पार्टी ने सरकार से आग्रह किया है कि इस बार ऐसी स्थिति दोबारा न बने और किसानों को समय पर टोकन, पर्याप्त बारदाना, सुचारू पंजीयन तथा रकबा सत्यापन की सुविधा मिले।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपनी मांगों में एक नवंबर से धान खरीदी शुरू करने, 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से धान खरीदने, 3358 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान की घोषणा करने और सभी किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने को प्रमुखता दी है। पार्टी ने एमएसपी में वर्ष 2024-25 के दौरान 117 रुपये, वर्ष 2025-26 में 69 रुपये और चालू वर्ष में 72 रुपये की वृद्धि का उल्लेख करते हुए कुल 258 रुपये जोड़ने की गणना प्रस्तुत की है। इन दरों और गणना की आधिकारिक पुष्टि संबंधित सरकारी घोषणाओं के आधार पर की जानी चाहिए।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि धान खरीदी की समय-सारणी जल्द घोषित की जाए और किसानों की सुविधा के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जाएं। अब धान खरीदी की तारीख, भुगतान दर और पंजीयन व्यवस्था को लेकर सरकार का आधिकारिक निर्णय महत्वपूर्ण होगा।