AAP के विरोध के बाद एग्रीस्टेक की अनिवार्यता खत्म, PV ऐप में सुधार और किसानों के बकाया बोनस की मांग
रायपुर में आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने किसानों की समस्याओं को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने एग्रीस्टेक की अनिवार्यता खत्म किए जाने का स्वागत करते हुए PV ऐप और भुइंया पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर करने, पटवारियों की मांगें मानने, किसानों का बकाया बोनस जारी करने और धान खरीदी एक नवंबर से शुरू करने की मांग की। पार्टी ने केंद्र द्वारा बढ़ाई गई एमएसपी की राशि जोड़कर धान 3,358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की भी मांग उठाई।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने किसानों की समस्याओं और राजस्व विभाग में उपयोग किए जा रहे तकनीकी सिस्टम को लेकर राज्य सरकार से कई मांगें की हैं। पार्टी ने एग्रीस्टेक की अनिवार्यता खत्म किए जाने का स्वागत करते हुए PV ऐप में सुधार, पटवारियों की जायज मांगों को पूरा करने, किसानों का बकाया बोनस जारी करने और धान खरीदी समय पर शुरू करने की मांग उठाई है। पार्टी ने चेतावनी दी कि मांगों पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में किसानों के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय, प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रदेश अध्यक्ष कर्मचारी विंग विजय झा, प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी और रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अजीम खान ने अपनी बात रखी। पार्टी नेताओं के मुताबिक, एग्रीस्टेक की अनिवार्यता के कारण प्रदेश के हजारों किसान धान बेचने की प्रक्रिया से वंचित होने की आशंका का सामना कर रहे थे। पार्टी का दावा है कि पिछले एक साल से किसान सभाओं, आंदोलनों और ज्ञापनों के माध्यम से इस मुद्दे को उठाया जा रहा था। अब अनिवार्यता खत्म किए जाने को पार्टी ने किसानों के हित में उठाया गया कदम बताया है।
आप नेताओं ने PV ऐप और भुइंया वेबसाइट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में इंटरनेट नेटवर्क कमजोर होने के कारण ऐप पर डेटा अपलोड और सिंक करने में परेशानी आती है। सर्वर और सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याओं के चलते ऐप के बार-बार हैंग होने तथा जियो-लोकेशन में त्रुटियों की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। पार्टी के अनुसार, खेतों के चारों कोनों पर जाकर फोटो अपलोड करने की अनिवार्यता से भी कर्मचारियों को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। खेतों में पानी भरा होने, फसल बड़ी होने और पुराने नक्शों में विसंगतियों के कारण यह प्रक्रिया मुश्किल हो जाती है।
पार्टी ने कहा कि तकनीकी दिक्कतों के बावजूद काम पूरा नहीं होने पर पटवारियों को कारण बताओ नोटिस और निलंबन जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं को पटवारी हड़ताल से जोड़ते हुए आप नेताओं ने सरकार से उनकी जायज मांगों पर तत्काल निर्णय लेने और PV ऐप के बजाय पहले की तरह भुइंया पोर्टल के माध्यम से कामकाज सुगम बनाने की मांग की। पार्टी ने आशंका जताई कि फसल सत्यापन में देरी का असर किसानों के धान विक्रय पर पड़ सकता है।
आम आदमी पार्टी ने किसानों के बकाया बोनस का मुद्दा भी उठाया। पार्टी का आरोप है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय का एक साल का बोनस अब तक किसानों को नहीं मिला है, जबकि इसके लिए फंड जारी होने की बात कही गई थी। इसके अलावा पार्टी ने पिछले तीन वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाई गई न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की राशि को धान खरीदी में शामिल करने की मांग की। आप नेताओं ने धान का मूल्य 3,358 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग रखी है। यह पार्टी की मांग है, घोषित सरकारी खरीद दर नहीं।
पार्टी की प्रमुख मांगों में पटवारियों की समस्याओं का समाधान, किसानों का बकाया बोनस जारी करना, एमएसपी वृद्धि की राशि जोड़ना और एक नवंबर से अनिवार्य रूप से धान खरीदी शुरू करना शामिल है, ताकि किसान निर्धारित समय सीमा में अपनी उपज बेच सकें। प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने कहा कि यदि सरकार इन मांगों पर निर्णय नहीं लेती है, तो आम आदमी पार्टी किसानों के साथ मिलकर प्रदेश में बड़ा आंदोलन करेगी।