विजय साहू ने वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठजनों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने उनके साथ बैठकर समय बिताया और उनका स्नेह एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवन के अनुभव और मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को सीख मिलती है। इसलिए बुजुर्गों के प्रति सम्मान केवल शब्दों तक सीमित न रहकर व्यवहार और सेवा के माध्यम से भी दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने युवाओं और शहरवासियों से अपील की कि जन्मदिन तथा जीवन के अन्य विशेष अवसरों को केवल व्यक्तिगत आयोजन तक सीमित रखने के बजाय समाजसेवा से भी जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर कुछ समय वृद्धाश्रम में रहने वाले वरिष्ठजनों के साथ बिताना, उनकी बातें सुनना और अपनी सामर्थ्य के अनुसार उनकी सेवा करना एक सकारात्मक पहल हो सकती है।
विजय साहू ने कहा कि बुजुर्गों को भोजन और आवश्यक सुविधाओं के साथ-साथ अपनापन, संवाद और साथ की भी जरूरत होती है। परिवार से दूर रह रहे वरिष्ठजनों के साथ कुछ समय बातचीत करना और उनकी भावनाओं को समझना समाज की संवेदनशील जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी के साथ बिताया गया थोड़ा सा समय भी उसके लिए खुशी और अपनत्व का अनुभव दे सकता है।
विवेकानंद विचार मंच के अध्यक्ष पंकज शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत भोजन सेवा का आयोजन किया गया। अभियान के माध्यम से वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, सेवा और आत्मीयता की भावना को समाज में व्यापक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मंच के पदाधिकारियों और सदस्यों ने वरिष्ठजनों के साथ संवाद किया और भोजन सेवा में सहभागिता की। वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के साथ समय बिताने से उपस्थित लोगों को भी सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को करीब से समझने का अवसर मिला।
विजय साहू ने विवेकानंद विचार मंच के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी सामाजिक एवं सेवा गतिविधियों को निरंतर जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समाज में सेवा की भावना को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और सामाजिक सरोकार का संदेश देने वाला रहा। भोजन सेवा के साथ बुजुर्गों के बीच समय बिताकर आयोजकों ने यह संदेश दिया कि सामाजिक सेवा केवल संसाधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति के साथ आत्मीयता से समय बिताना भी सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।