सूरजपुर में सड़क सुरक्षा मैराथन में दौड़े 800 प्रतिभागी, मंत्रियों ने बाइक रैली में लिया हिस्सा; ‘अपना हेल्प क्यूआर’ का शुभारंभ
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में सड़क सुरक्षा जागरूकता के लिए आयोजित मैराथन में करीब 800 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बाइक रैली में शामिल होकर यातायात नियमों के पालन का संदेश दिया। इस दौरान ‘अपना हेल्प क्यूआर’ लोगो का शुभारंभ किया गया। क्यूआर कोड स्कैन कर नागरिक एम्बुलेंस और पुलिस को कॉल करने, परिजनों को सूचना भेजने तथा गलत पार्किंग पर वाहन मालिक को अलर्ट करने जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. सूरजपुर l छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित यातायात का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मैराथन का आयोजन किया गया। इसमें करीब 800 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राजमोहनी माता चौक से मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दोनों मंत्री स्वयं बाइक रैली में भी शामिल हुए और नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने तथा सुरक्षित वाहन चलाने की अपील की।
जिला प्रशासन सूरजपुर और ‘अपना हेल्प क्यूआर’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का समापन साधुराम सेवा कुंज में हुआ। मैराथन में बच्चों, युवाओं और अन्य नागरिकों ने भाग लेकर सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम के दौरान विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। साथ ही ‘रोड सेफ्टी अपना हेल्प क्यूआर’ लोगो का शुभारंभ किया गया, जो दुर्घटना की स्थिति में जरूरतमंदों तक त्वरित सहायता पहुंचाने की पहल का हिस्सा है।
मंत्रियों ने दिया सुरक्षित यातायात का संदेश
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सड़क सुरक्षा की शपथ केवल स्वयं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरों की जान बचाने की जिम्मेदारी भी इससे जुड़ी है। सड़क दुर्घटना का असर केवल घायल व्यक्ति पर नहीं पड़ता, बल्कि उसके पूरे परिवार को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं। सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर युवाओं की भागीदारी से जागरूकता का संदेश अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। मैराथन के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित यातायात की आदतें अपनाने और सड़क पर जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यातायात नियमों का पालन कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। सुरक्षित यातायात की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं से करनी होगी। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना, निर्धारित गति से वाहन चलाना और यातायात नियमों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट का उपयोग करते रहे हैं।
दुर्घटना में घायलों की मदद के लिए आगे आने की अपील
स्वास्थ्य मंत्री ने नागरिकों से सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि पीएम राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाकर सहायता करने वाले पात्र व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। घायलों के लिए निर्धारित नियमों के अंतर्गत कैशलेस उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है।
उन्होंने अटल आरोग्य मंदिरों के माध्यम से दी जा रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम के जरिए यह संदेश दिया गया कि दुर्घटना के बाद समय पर चिकित्सा सहायता मिलना घायल व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए दुर्घटना देखने पर केवल तमाशबीन बने रहने के बजाय जरूरतमंद की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।
‘अपना हेल्प क्यूआर’ से एक स्कैन में मिलेगी सहायता
सूरजपुर जिले में ‘अपना हेल्प क्यूआर’ को पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान बनाना है। एक क्यूआर कोड स्कैन करने पर नागरिक एम्बुलेंस और पुलिस को कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा परिजनों को सूचना भेजने तथा गलत पार्किंग की स्थिति में वाहन मालिक को अलर्ट करने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
इस पहल में उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी और पहचान की गोपनीयता का ध्यान रखने की बात कही गई है। जिले के ब्लाइंड स्पॉट पर भी क्यूआर कोड लगाए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर नागरिक आसानी से सहायता प्राप्त कर सकें। सड़क दुर्घटना या अन्य आपातकालीन स्थिति में समय पर सूचना पहुंचाने की सुविधा लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
कलेक्टर ने बताया उपयोगी पहल
कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने ‘अपना हेल्प क्यूआर’ को जरूरतमंदों तक त्वरित और निःशुल्क सहायता पहुंचाने की दिशा में उपयोगी पहल बताया। उन्होंने नागरिकों से सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहने और दुर्घटना में घायल लोगों की मदद के लिए आगे आने का आग्रह किया।
क्यूआर कोड आधारित इस व्यवस्था के माध्यम से आपातकालीन संपर्क को सरल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। मैराथन और बाइक रैली जैसे आयोजनों के जरिए सड़क सुरक्षा को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया गया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, जनपद अध्यक्ष सूरजपुर स्वाति सिंह, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, वनमंडलाधिकारी विपुल अग्रवाल और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मैराथन के दौरान प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों ने सड़क सुरक्षा की शपथ ली। उन्होंने यातायात नियमों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, तेज गति से बचने और दुर्घटना की स्थिति में घायलों की सहायता करने का संकल्प लिया। आयोजन के माध्यम से सुरक्षित यातायात को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।
जागरूक और सुरक्षित समाज बनाने का आह्वान
सूरजपुर में आयोजित इस मैराथन ने सड़क सुरक्षा को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। करीब 800 प्रतिभागियों की भागीदारी और मंत्रियों की मौजूदगी ने अभियान को व्यापक स्वरूप दिया। ‘अपना हेल्प क्यूआर’ की शुरुआत से आपातकालीन सहायता प्राप्त करने के लिए तकनीक के उपयोग की दिशा में भी पहल की गई है।
कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि सड़क पर सावधानी, हेलमेट का उपयोग, सुरक्षित गति और यातायात नियमों का पालन दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जरूरी हैं। साथ ही दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद के लिए आगे आना भी सामाजिक जिम्मेदारी है। “न कोई दुर्घटना अनदेखी रहेगी, न कोई जरूरतमंद अकेला रहेगा” के संदेश के साथ सूरजपुर में सुरक्षित, जागरूक और संवेदनशील समाज के निर्माण का आह्वान किया गया।