रायपुर में बच्चों से मारपीट के मामले में बाल आयोग सख्त, अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अस्पताल और बाल गृह पहुंचकर लिया जायजा

रायपुर के पंडरी क्षेत्र में बच्चों के साथ मारपीट के मामले को छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने मेकाहारा अस्पताल और बाल गृह पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं देखभाल की जानकारी ली। मामले में पुलिस ने बच्चों की माता और सौतेले पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आयोग ने बच्चों की काउंसलिंग, संरक्षण और पुनर्वास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

Oct 18, 2026 - 15:35
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रायपुर में बच्चों से मारपीट के मामले में बाल आयोग सख्त, अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अस्पताल और बाल गृह पहुंचकर लिया जायजा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर के पंडरी क्षेत्र में बच्चों के साथ मारपीट का मामला सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने मेकाहारा अस्पताल और बाल गृह पहुंचकर प्रभावित बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं देखभाल की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बच्चों के संरक्षण, काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा मामले में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से बच्चों के साथ मारपीट की सूचना प्राप्त हुई थी। मामले में तीन वर्षीय और आठ वर्षीय बालकों के साथ मारपीट किए जाने की जानकारी सामने आई। तीन वर्षीय बच्चे को गंभीर चोटें आने के कारण 16 अक्टूबर को मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं, दूसरे बालक को बाल गृह तथा छह वर्षीय बालिका को सुरक्षित देखभाल के लिए मातृछाया में रखा गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर बच्चों की माता और सौतेले पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी 15 अक्टूबर को प्रकरण का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की थी। आयोग की ओर से बच्चों की सुरक्षा और उनके सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है।

अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने मेकाहारा अस्पताल पहुंचकर उपचाररत तीन वर्षीय बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने बाल गृह पहुंचकर वहां रखे गए दूसरे बालक की सुरक्षा, देखभाल और उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती तीन वर्षीय बच्चे का स्वास्थ्य वर्तमान में ठीक बताया गया है। वहीं, दोनों बालकों और बालिका की काउंसलिंग की जा रही है, ताकि उन्हें घटना के बाद आवश्यक मानसिक एवं भावनात्मक सहयोग मिल सके और वे सुरक्षित वातावरण में सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।

चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित कराने की पहल के सकारात्मक परिणाम

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न थानों और संबंधित संस्थानों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित कराने की पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस व्यवस्था से बच्चों के साथ हिंसा, मारपीट और प्रताड़ना से जुड़े मामलों की जानकारी समय पर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में मदद मिल रही है। इससे जरूरतमंद बच्चों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और समय रहते कार्रवाई करने की संभावनाएं बढ़ी हैं।

आयोग ने चाइल्ड हेल्पलाइन के अधिकारियों और कर्मचारियों की तत्परता तथा संवेदनशील कार्यप्रणाली की सराहना की। आयोग का कहना है कि बच्चों के विरुद्ध हिंसा और शोषण की घटनाओं पर त्वरित संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास पर जोर

आयोग ने बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए उनके लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। काउंसलिंग के माध्यम से बच्चों को मानसिक एवं भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि उनकी देखभाल और पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यह मामला बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, समय पर शिकायत दर्ज कराने और बाल अधिकारों के संरक्षण के महत्व को रेखांकित करता है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के साथ हिंसा या प्रताड़ना की सूचना मिलने पर उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। चाइल्ड हेल्पलाइन जैसे माध्यमों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना और समय पर सूचना देना बच्चों को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।