रायपुर में चेम्बर का डिजिटल सुरक्षा अभियान सफल, व्यापारियों को साइबर ठगी से बचाव के बताए उपाय

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा रायपुर में आयोजित डिजिटल सुरक्षा अभियान में व्यापारियों को यूपीआई फ्रॉड, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, फेक प्रोफाइल और बिजनेस ई-मेल हैकिंग से बचाव की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि गौरव मंडल ने साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी, जबकि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ सोनाली गुहा ने सुरक्षित डिजिटल लेन-देन, मजबूत पासवर्ड और स्टाफ ट्रेनिंग पर जोर दिया।

Oct 24, 2026 - 10:55
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रायपुर में चेम्बर का डिजिटल सुरक्षा अभियान सफल, व्यापारियों को साइबर ठगी से बचाव के बताए उपाय

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में 23 अक्टूबर 2026 को बॉम्बे मार्केट स्थित चै. देवीलाल व्यापार उद्योग भवन में डिजिटल सुरक्षा अभियान आयोजित किया गया। चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों और उद्योगपतियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा ऑनलाइन लेन-देन को सुरक्षित बनाने के उपायों की जानकारी देना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर के एडिशनल डीसीपी क्राइम एंड साइबर गौरव मंडल शामिल हुए। वहीं, नेशनल साइबर फॉरेंसिक्स एंड साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट सोनाली गुहा ने मुख्य वक्ता के रूप में साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यूपीआई फ्रॉड, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, फेक प्रोफाइल और बिजनेस ई-मेल हैकिंग जैसी समस्याओं से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए।

चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि साइबर ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यापारी को सतर्क रहने के साथ अपने परिवार और संस्थान के कर्मचारियों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने इस प्रकार की कार्यशालाओं को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्य अतिथि गौरव मंडल ने कहा कि साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि ठगी का पता चलते ही जल्द से जल्द हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें और आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही संबंधित बैंक को तत्काल सूचना देकर संदिग्ध लेन-देन को रोकने का प्रयास करें। शिकायत के लिए ट्रांजेक्शन आईडी, स्क्रीनशॉट, मोबाइल नंबर और संदिग्ध लिंक जैसे डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की सलाह भी दी गई।

मुख्य वक्ता सोनाली गुहा ने बताया कि व्यापारियों को यूपीआई और क्यूआर कोड का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। क्यूआर कोड स्कैन करने और यूपीआई पिन दर्ज करने से पहले भुगतान की प्रक्रिया को अच्छी तरह समझना जरूरी है। उन्होंने अनजान क्यूआर कोड और संदिग्ध लिंक से बचने तथा किसी के साथ भी यूपीआई पिन साझा नहीं करने की सलाह दी।

उन्होंने बिजनेस ई-मेल हैकिंग से बचने के लिए बड़े भुगतान से पहले संबंधित कारोबारी से फोन पर पुष्टि करने और ई-मेल खातों में टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखने पर जोर दिया। दुकान या संस्थान के नाम से बनाई गई फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से पैसे मांगे जाने पर संबंधित व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करने की सलाह दी गई। इसके अलावा मजबूत पासवर्ड रखने, अलग-अलग सिस्टम में अलग पासवर्ड इस्तेमाल करने और कर्मचारियों को नियमित साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण देने की बात कही गई।

कार्यक्रम के संयोजक लोकेश चंद्रकांत जैन और जसप्रीत सिंह सलूजा सहित आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम प्रभारी सोनिया साहू, प्रशांत गुप्ता, राजेन्द्र पारख, मनीष प्रजापति, जय होतवानी, आलोक शर्मा, प्रवीण पटेल, नितेश अग्रवाल और प्रसून दीक्षित ने आयोजन में भूमिका निभाई। महिला चेम्बर की ओर से सुधा ठाकुर, सोनिया शांडेल और संचिता मेहरोत्रा भी कार्यक्रम से जुड़ी रहीं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। अंत में चेम्बर उपाध्यक्ष मनीष प्रजापति ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर चेम्बर के विभिन्न पदाधिकारी, व्यापारी, उद्योगपति और व्यापारिक संघों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने कार्यक्रम की जानकारी साझा की।

साइबर सुरक्षा अभियान के माध्यम से व्यापारियों को डिजिटल लेन-देन में सतर्कता बरतने, संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत शिकायत करने और अपने व्यावसायिक डेटा को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया।