कोंडागांव में राष्ट्र मंडला रंगोली से गूंजा संदेश, “नक्सल मुक्त बस्तर-नक्सल मुक्त भारत” और “एक पेड़ मां के नाम”
कोंडागांव में सेवा संकल्प अभियान के तहत शासकीय गुण्डाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्र मंडला रंगोली कार्यक्रम आयोजित किया गया। “नक्सल मुक्त बस्तर एवं नक्सल मुक्त भारत” और “एक पेड़ मां के नाम” थीम पर विद्यार्थियों ने विशाल रंगोली बनाकर शांति, विकास, राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में जन-जागरूकता रैली और एनएसएस स्वयंसेवकों का नुक्कड़ नाटक भी आकर्षण का केंद्र रहा।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l कोंडागांव में सेवा संकल्प अभियान के तहत राष्ट्र मंडला रंगोली कार्यक्रम के माध्यम से शांति, विकास, राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। प्रदेशभर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 7 अक्टूबर को शासकीय गुण्डाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोंडागांव के बास्केटबॉल मैदान में भव्य राष्ट्र मंडला रंगोली कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य थीम “नक्सल मुक्त बस्तर एवं नक्सल मुक्त भारत” तथा “एक पेड़ मां के नाम” रही।
जिला प्रशासन के निर्देशन और मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए उच्च शिक्षा विभाग को नोडल विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति एवं जनजाति विभाग को सहयोगी और समन्वयक विभाग बनाया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य बस्तर अंचल में शांति, सुरक्षा, विकास, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से हो रहे बदलाव का संदेश लोगों तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से सकारात्मक सोच के साथ समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सकारात्मक सोच का उपयोग समाज और देश के विकास के लिए कर सकते हैं। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन करने को भी राष्ट्र सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
राष्ट्र मंडला रंगोली में महाविद्यालय के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षक तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सामूहिक प्रयास से विशाल रंगोली तैयार की। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, अधोसंरचना, ग्रामीण विकास, सामाजिक पुनर्वास और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े विषयों को रचनात्मक तरीके से प्रदर्शित किया गया।
रंगोली के केंद्रीय हिस्से में “नक्सल मुक्त बस्तर-नक्सल मुक्त भारत” का संदेश प्रमुखता से उकेरा गया। इसके माध्यम से शांति, सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और विकास की दिशा में आगे बढ़ते बस्तर की परिकल्पना को प्रदर्शित किया गया। वहीं “एक पेड़ मां के नाम” के जरिए वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने विकास के साथ प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा को भी सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
कार्यक्रम के क्रम में एनसीसी ग्राउंड से शासकीय गुण्डाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर तक जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की जन-जागरूकता रैली भी निकाली गई। इसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। रैली के माध्यम से नक्सल मुक्त बस्तर, शांति, विकास, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को लोगों तक पहुंचाया गया।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा “नमो सेवा गाथा” के अंतर्गत प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। “उरी सर्जिकल स्ट्राइक” पर आधारित इस प्रस्तुति के जरिए राष्ट्रप्रेम, साहस, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। स्वयंसेवकों के संवाद और अभिनय ने उपस्थित विद्यार्थियों और लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक संतराम नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष रीता शोरी, नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल, उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन जिला नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर रश्मि पोया, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरला आत्राम और कार्यक्रम प्रभारी शशिभूषण कन्नौजे के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम ने युवाओं की रचनात्मकता को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए शांति, विकास और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।