कोण्डागांव प्रेस क्लब में चला ‘साइबर जागृति अभियान’, पत्रकारों ने लिया क्विक क्विज में हिस्सा
कोण्डागांव प्रेस क्लब में पुलिस द्वारा साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पत्रकारों को UPI फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी KYC, संदिग्ध लिंक, APK फाइल, सोशल मीडिया फ्रॉड और ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली ठगी से बचाव के उपाय बताए गए। इस दौरान साइबर जागरूकता पर क्विक क्विज का आयोजन भी किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l जिले में साइबर अपराधों से बचाव और आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा लगातार ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कोण्डागांव प्रेस क्लब में साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने पत्रकारों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी और इससे बचने के लिए जरूरी सावधानियों के बारे में बताया।
कार्यक्रम में कोण्डागांव पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा के निर्देशन में साइबर अपराधों को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चन्द्रा, डीएसपी साइबर सेल सिद्धार्थ बघेल, एसडीओपी कोण्डागांव रूपेश कुमार और थाना प्रभारी कोण्डागांव सौरभ उपाध्याय मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारियों ने पत्रकारों को ऑनलाइन ठगी के अलग-अलग तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसमें UPI फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी KYC और बैंक कॉल के जरिए होने वाली ठगी, संदिग्ध लिंक एवं APK फाइल के माध्यम से साइबर अपराध, सोशल मीडिया फ्रॉड तथा ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली ठगी जैसे मामलों को शामिल किया गया। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधों से बचने के लिए किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर बिना जांच के भरोसा नहीं करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा को लेकर पत्रकारों के लिए ‘क्विक क्विज’ का भी आयोजन किया गया। क्विज में साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे गए, जिसमें पत्रकारों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सही जवाब देने वाले प्रतिभागियों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में साइबर अपराधों के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। इसलिए लोगों के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। कार्यक्रम में पत्रकारों से भी अपील की गई कि वे साइबर अपराध से बचाव से जुड़े संदेशों को अपने समाचार माध्यमों के जरिए आम लोगों तक पहुंचाएं।
पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा ने साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्कता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि साइबर जागरूकता के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि ऑनलाइन ठगी के मामलों को रोकने में मदद मिल सके।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस की ओर से लोगों को यह भी बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे बिना देरी किए साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। समय पर शिकायत करने से मामले में आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
कोण्डागांव प्रेस क्लब में आयोजित यह कार्यक्रम साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पत्रकारों के माध्यम से सुरक्षा संबंधी जानकारी आम जनता तक पहुंचाने पर केंद्रित रहा।