रायपुर में JCCJ का अनोखा विरोध प्रदर्शन, अमित जोगी ने की मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के नेतृत्व में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार के मुखौटे पहनकर प्रतीकात्मक ‘ज्ञानू-जानू विवाह’ आयोजित किया। पार्टी ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

Oct 10, 2026 - 17:55
 0  2
रायपुर में JCCJ का अनोखा विरोध प्रदर्शन, अमित जोगी ने की मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं, वोट चोरी के आरोपों और भारत निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए गए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक विवाह समारोह के माध्यम से केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच कथित निकटता पर राजनीतिक व्यंग्य किया।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता और कार्यकर्ता सुभाष स्टेडियम से शास्त्री चौक स्थित मुख्य निर्वाचन कार्यालय तक विरोध रैली निकालने के लिए पहुंचे। प्रदर्शन को अनोखा स्वरूप देते हुए कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुखौटे पहने। बैंड-बाजे और विवाह की प्रतीकात्मक रस्मों के साथ ‘ज्ञानू और जानू की बारात’ निकाली गई। पार्टी ने इस आयोजन के जरिए निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।

पुलिस ने रोका प्रदर्शन, सड़क पर हुआ प्रतीकात्मक विवाह

विरोध रैली जब मोतीबाग के पास पहुंची, तब पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं सड़क पर प्रतीकात्मक रूप से ‘ज्ञानू और जानू का विवाह’ संपन्न कराया। पार्टी ने इस अनोखे प्रदर्शन को मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों के विरोध का माध्यम बताया।

अमित जोगी ने लोकतंत्र और मतदान के अधिकार पर उठाए सवाल

प्रदर्शन के दौरान अमित जोगी ने कहा कि लोकतंत्र की आत्मा जनता का वोट है और उसके साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि जबसे ‘ज्ञानू और जानू’ का प्यार हुआ है, लोकतंत्र बीमार हो गया है। उन्होंने देश में पिछले दस वर्षों से वोट चोरी होने के आरोप भी लगाए और कहा कि रायपुर की सड़कों पर निकली यह बारात लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल उठाने का प्रयास है।

अमित जोगी ने कहा कि भारत का लोकतंत्र संविधान और जनता के विश्वास पर टिका हुआ है। गरीब, किसान, मजदूर, युवा और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को मतदान के माध्यम से अपनी सरकार चुनने का अधिकार मिला है। यदि इस अधिकार की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो लोकतंत्र के प्रति लोगों के विश्वास को नुकसान पहुंच सकता है।

उन्होंने मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों और कथित वोट चोरी से जुड़े आरोपों की तथ्यात्मक, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनके अनुसार, निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान लगाए गए वोट चोरी और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता से जुड़े आरोप पार्टी के दावे हैं।

बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद

इस विरोध प्रदर्शन में अमित जोगी के साथ वरिष्ठ नेता संजीव अग्रवाल, अधिवक्ता भगवानू नायक, प्रदेश संगठन महामंत्री निलेश चौहान, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष संतोषी रात्रे, जहीर खान, युवा प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर उपाध्याय, माखन ताम्रकार, जितेन्द्र बंजारे, नवीन अग्रवाल, शमशूल आलम, चेतन आदिल, सुनील केसरवानी, मंसू निहाल, सत्या लहरे, सोमू खान, आशिक हुसैन और उमेश निर्मलकर सहित बड़ी संख्या में पार्टी नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने इस प्रदर्शन के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच पर जोर दिया। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता के अधिकार और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता सर्वोपरि होनी चाहिए।