गरियाबंद में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दो दोषियों को 20 साल का सश्रम कारावास

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने रमजान खान और अब्दुल रहमान को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 13 गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया। मामले में परिजनों ने 13 सितंबर 2024 को देवभोग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

Oct 11, 2026 - 12:18
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गरियाबंद में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दो दोषियों को 20 साल का सश्रम कारावास

UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक महत्वपूर्ण न्यायिक फैसला सामने आया है। नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने दो आरोपियों रमजान खान और अब्दुल रहमान को दोषी ठहराते हुए 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई के दौरान 13 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाही के आधार पर फैसला सुनाया।

देवभोग थाने में दर्ज हुई थी शिकायत

मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में पीड़िता के परिजनों ने 13 सितंबर 2024 को देवभोग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में नाबालिग के अपहरण के बाद दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की और प्रकरण न्यायालय तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों और गवाहों के बयानों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

13 गवाहों के बयान के बाद आया फैसला

मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और 13 गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद अदालत ने रमजान खान और अब्दुल रहमान को दोषी ठहराया। न्यायालय की पीठासीन न्यायाधीश गंगा पटेल ने दोनों दोषियों को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर न्यायिक कार्रवाई

नाबालिगों के विरुद्ध यौन अपराध गंभीर प्रकृति के होते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस जांच, साक्ष्य संकलन और न्यायालय में गवाहों के बयान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रकरण में भी गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सजा की अन्य शर्तों, जुर्माने या अन्य न्यायिक निर्देशों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

गरियाबंद जिले के इस मामले में अदालत के फैसले के बाद दोनों दोषियों को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा दी गई है। यह फैसला नाबालिग से जुड़े अपराध के मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत सुनाया गया है।