गरियाबंद: कांदाडोंगर जंगल से सीताफल तोड़कर बेचने का मामला, पिकअप सहित 48 कैरेट जब्त
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में वन विभाग ने देवभोग वन परिक्षेत्र के ग्राम सराईपानी में कार्रवाई करते हुए सीताफल से लदे ओडिशा पासिंग पिकअप वाहन को जब्त किया है। वाहन में 48 कैरेट सीताफल मिला, जिसकी कीमत 14,400 रुपये आंकी गई है। वन विभाग के अनुसार, पूछताछ में सीताफल कांदाडोंगर वन क्षेत्र से तोड़कर लाने की जानकारी सामने आई। वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में वन संपदा की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए सीताफल से लदे एक पिकअप वाहन को जब्त किया है। वन विभाग की टीम ने वन गश्त के दौरान ग्राम सराईपानी स्थित शिव मंदिर के पास वाहन की जांच की। इस दौरान ओडिशा पासिंग पिकअप वाहन क्रमांक OD 03 AF 7374 में 48 कैरेट सीताफल लोड मिला। वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर विभाग ने वाहन सहित सीताफल की पूरी खेप जब्त कर देवभोग वन विभाग कार्यालय लाया।
कांदाडोंगर वन क्षेत्र से सीताफल लाने की जानकारी
वन विभाग के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र इंदागांव (देवभोग) के अंतर्गत गश्त की जा रही थी। इसी दौरान सराईपानी गांव में संदिग्ध पिकअप वाहन दिखाई दिया। जांच के दौरान वाहन में बड़ी मात्रा में सीताफल पाया गया। मौके पर पूछताछ में स्थानीय ग्रामीणों ने सीताफल कांदाडोंगर वन क्षेत्र से तोड़कर लाने की जानकारी दी। हालांकि, इस संबंध में अंतिम स्थिति जांच और विभागीय कार्रवाई के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
14,400 रुपये आंकी गई सीताफल की कीमत
वन विभाग के मुताबिक, ओडिशा के लाठोर, हरिशंकर निवासी गरुड़ मेहेर द्वारा सीताफल 300 रुपये प्रति कैरेट की दर से खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। जब्त किए गए 48 कैरेट सीताफल की कुल कीमत 14,400 रुपये आंकी गई है। विभाग ने सीताफल के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिलने के कारण वाहन और उपज को अपने कब्जे में लिया है।
भारतीय वन अधिनियम के तहत कार्रवाई
वन विभाग ने बताया कि मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 52 के तहत कार्रवाई की जा रही है। जब्त सीताफल और पिकअप वाहन के संबंध में नियमानुसार आगे की प्रक्रिया जारी है। वन उपज के संग्रहण और परिवहन के दौरान लागू नियमों तथा आवश्यक दस्तावेजों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है।
वन अमले की टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्रवाई में सहायक परिक्षेत्र अधिकारी एवं सहायक वृत्त अधिकारी गोहरापदर फिरोज खान, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी देवभोग दिनेश चंद्र पात्र, परिसर रक्षी गोहरापदर लंबोदर सोरी, परिसर रक्षी घुमरापदर पुरुषोत्तम ध्रुवा, वानिकी चौकीदार भोलाराम यदु और सुरक्षा श्रमिक आनंद यादव की भूमिका रही।
वन संपदा की सुरक्षा के लिए निगरानी जारी
वन विभाग ने कहा कि वन क्षेत्रों में वन उपज के संग्रहण और परिवहन पर निगरानी रखी जा रही है। नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य वन संपदा की सुरक्षा करना और वन उपज के संग्रहण एवं परिवहन में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। मामले में आगे की कार्रवाई विभागीय जांच के अनुसार की जाएगी।