दुर्ग में इंडिया गठबंधन का जन-आक्रोश मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन

दुर्ग में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कथित लोकतंत्र विरोधी नीतियों के खिलाफ जन-आक्रोश मार्च निकाला। गांधी प्रतिमा से कलेक्टोरेट तक निकले मार्च के दौरान पुलिस से कार्यकर्ताओं की झूमाझटकी हुई और पटेल चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपकर इस्तीफे और एफआईआर की मांग की।

Oct 7, 2026 - 08:32
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दुर्ग में इंडिया गठबंधन का जन-आक्रोश मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर, भिलाई नगर और इंडिया गठबंधन के घटक दलों के संयुक्त नेतृत्व में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कथित लोकतंत्र विरोधी नीतियों के खिलाफ जन-आक्रोश मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और उनके इस्तीफे सहित कई मांगें उठाईं।

जन-आक्रोश मार्च जे.आर.डी. स्कूल के सामने स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा से शुरू हुआ और कलेक्टोरेट परिसर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंचा। कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाते हुए आगे बढ़े। मार्च के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। कलेक्टोरेट पहुंचने से पहले पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस और झूमाझटकी की स्थिति बनी।

प्रदर्शनकारियों ने पटेल चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। इसके बाद दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल और भिलाई नगर अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर सहित प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की गई।

दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि देश का लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाएं गंभीर संकट से गुजर रही हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए फॉर्म-6 में कथित बदलाव का मुद्दा उठाया। ठाकुर ने आरोप लगाया कि नियमों को दरकिनार कर किए गए बदलावों से लाखों वैध नागरिकों के मताधिकार पर असर पड़ा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर संवैधानिक शक्तियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए इस्तीफे और एफआईआर की मांग दोहराई।

दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा सुप्रीम कोर्ट के नाम पर किया गया कथित कृत्य लोकतंत्र के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि यदि फॉर्म-6 में बदलाव के लिए सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी नहीं थी, तो चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठना स्वाभाविक है। वहीं भिलाई नगर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने आरोप लगाया कि लाखों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाना लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि संविधान से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शन को समाजवादी पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के नेताओं ने भी समर्थन दिया। रज्जाक अली, एस.पी. डे, विनोद कुमार सोनी और विजेंद्र तिवारी ने अपने-अपने दलों की ओर से समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि नागरिकों के मताधिकार और संविधान की रक्षा से जुड़ी है।

प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक अरूण वोरा, प्रतिमा चंद्रकार, राजीव गुप्ता, दीपक दुबे, महेंद्र वर्मा, तरुण बिजौर, निरंजन राजपूत, उमाकांत चंद्राकर, दर्शन सिंह, कमलेश साहू, कैलाश नाहटा, उमेश साहू, शिवकुमार वर्मा, संतोष बाफना, श्रीकांत वर्मा, मोहन साहू सहित कांग्रेस और गठबंधन के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने मार्च में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।