दुर्ग जिला अस्पताल में प्रसूता से मारपीट और नवजात का हाथ तोड़ने का आरोप, कलेक्टर से शिकायत

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला चिकित्सालय के MCH डिलीवरी वार्ड में प्रसूता भुनेश्वरी तारक ने ड्यूटी स्टाफ पर मारपीट, गाली-गलौज और डिलीवरी के दौरान नवजात शिशु का हाथ तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्राम अण्डा निवासी महिला ने इस संबंध में दुर्ग कलेक्टर को लिखित शिकायत दी है। परिजनों के अनुसार, नवजात को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महिला ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Oct 12, 2026 - 14:58
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दुर्ग जिला अस्पताल में प्रसूता से मारपीट और नवजात का हाथ तोड़ने का आरोप, कलेक्टर से शिकायत

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग जिला चिकित्सालय के MCH डिलीवरी वार्ड से एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम अण्डा निवासी प्रसूता भुनेश्वरी तारक ने अस्पताल के ड्यूटी स्टाफ पर मारपीट और गाली-गलौज करने के साथ ही डिलीवरी के दौरान उनके नवजात शिशु का हाथ तोड़ने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस मामले में दुर्ग कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। महिला के आरोपों के सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था और प्रसूता एवं नवजात की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

2 अक्टूबर 2026 को डिलीवरी के लिए हुई थीं भर्ती

शिकायत में भुनेश्वरी तारक ने बताया है कि वह 2 अक्टूबर 2026 को प्रसव के लिए दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती हुई थीं। पीड़िता का आरोप है कि डिलीवरी के दौरान वार्ड में मौजूद स्टाफ ने उनके साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। उन्होंने ड्यूटी स्टाफ पर अश्लील गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, इस कथित मारपीट के दौरान उन्हें चोटें आईं और उनके नवजात शिशु के हाथ में भी गंभीर चोट पहुंची, जिसे उन्होंने हाथ टूटने के रूप में शिकायत में उल्लेखित किया है।

नवजात को निजी अस्पताल में कराया भर्ती

परिजनों के अनुसार, नवजात शिशु को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़िता ने अपने बच्चे की स्थिति को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि यदि बच्चे को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित डिलीवरी वार्ड के स्टाफ की होगी। हालांकि, घटना के संबंध में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष, नवजात की मेडिकल रिपोर्ट और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसलिए मामले में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच और चिकित्सकीय तथ्यों का सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

स्वास्थ्य मंत्री और प्रशासन से कार्रवाई की मांग

भुनेश्वरी तारक ने अपनी शिकायत में स्वास्थ्य मंत्री, संचालक चिकित्सा शिक्षा, दुर्ग कलेक्टर, दुर्ग पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराकर जिम्मेदार पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अपने परिवार को न्याय दिलाने की अपील की है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की सच्चाई

यह मामला सरकारी अस्पताल में प्रसव के दौरान मरीजों की सुरक्षा, स्वास्थ्यकर्मियों के व्यवहार और शिकायतों के निवारण से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठाता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह गंभीर लापरवाही और मरीज के साथ अनुचित व्यवहार का मामला हो सकता है। वहीं, आरोपों की वास्तविकता तय करने के लिए संबंधित पक्षों के बयान, मेडिकल दस्तावेज और अस्पताल की जांच रिपोर्ट सामने आना आवश्यक है। फिलहाल, पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई और प्रशासनिक जांच की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।