कांग्रेस का दावा- 5 साल में 1 लाख सरकारी नौकरी का वादा, तीन साल में 5 हजार भी भर्ती नहीं

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर युवाओं से किए गए एक लाख सरकारी नौकरियों के वादे को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार को सत्ता में आए करीब ढाई साल हो चुके हैं, लेकिन तीन साल की अवधि में पांच हजार भी सरकारी भर्तियां नहीं हुई हैं। कांग्रेस का दावा है कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में एक लाख से अधिक पद रिक्त हैं, जिनमें शिक्षा विभाग में करीब 53 हजार और उच्च शिक्षा विभाग में करीब 3 हजार पद शामिल हैं। कांग्रेस ने सरकार से विभागवार रिक्त पदों का विवरण सार्वजनिक करने, भर्ती की समय सीमा घोषित करने और पारदर्शी एवं समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।

Oct 4, 2026 - 12:10
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कांग्रेस का दावा- 5 साल में 1 लाख सरकारी नौकरी का वादा, तीन साल में 5 हजार भी भर्ती नहीं

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर युवाओं से किए गए एक लाख सरकारी नौकरियों के वादे को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने पांच साल में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन सरकार के कार्यकाल के करीब ढाई साल बीतने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ी है। कांग्रेस का दावा है कि तीन साल की अवधि में पांच हजार भी सरकारी भर्तियां नहीं हुई हैं।

सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान “मोदी की गारंटी” के तहत युवाओं को एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था। अब प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवा सरकार से यह जानना चाहते हैं कि उन्हें सरकारी नौकरी कब मिलेगी। कांग्रेस के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में एक लाख से अधिक पद रिक्त हैं, लेकिन इन पदों पर नियमित भर्ती नहीं की जा रही है।

कांग्रेस ने शिक्षा विभाग की स्थिति को विशेष रूप से चिंताजनक बताया है। सुरेन्द्र वर्मा के अनुसार प्रदेश में करीब 53 हजार शिक्षक पद रिक्त बताए जा रहे हैं। शिक्षकों की कमी का सीधा असर सरकारी स्कूलों में पढ़ाई पर पड़ने का दावा कांग्रेस ने किया है। पार्टी का कहना है कि एक ओर स्कूलों में शिक्षकों की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में शिक्षित बेरोजगार युवा नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, तो सरकार नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू क्यों नहीं कर रही है। पार्टी का कहना है कि शिक्षक पदों पर भर्ती होने से जहां बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर की जा सकती है।

सुरेन्द्र वर्मा ने उच्च शिक्षा विभाग में भी करीब तीन हजार पद रिक्त होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों तथा अन्य आवश्यक कर्मचारियों की कमी के बावजूद भर्ती प्रक्रिया को गति नहीं दी जा रही है। कांग्रेस के अनुसार इसका असर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ युवाओं के रोजगार के अवसरों पर भी पड़ रहा है।

कांग्रेस ने संविदा और अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी उठाया। सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि प्रदेश में वर्षों से संविदा और अनियमित व्यवस्था के तहत काम कर रहे हजारों कर्मचारी नियमितीकरण की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि चुनाव के दौरान किए गए वादों के तहत संविदा कर्मचारियों को नियमित कब किया जाएगा और क्या सरकार ने इसके लिए कोई समय सीमा तय की है।

कांग्रेस ने सरकार से एक लाख सरकारी नौकरियों की “मोदी की गारंटी” को लेकर स्पष्ट समय सीमा घोषित करने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि सरकार को विभागवार रिक्त पदों का विवरण सार्वजनिक करना चाहिए और सभी योग्य पदों पर पारदर्शी एवं समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि प्रदेश के लाखों युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं और सरकार को केवल घोषणाओं के बजाय भर्ती प्रक्रिया को धरातल पर लागू करना चाहिए। कांग्रेस ने मांग की कि रिक्त सरकारी पदों को जल्द भरा जाए, ताकि बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें और सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी भी दूर हो।