आचार्य इंद्रेश उपाध्याय से मिले बाल पर्यावरणविद् आदित्य राजे, वृंदावन में पर्यावरण सेवा का मिला आमंत्रण

रायपुर के 13 वर्षीय युवा पर्यावरणविद् एवं बाल योग गुरु आदित्य राजे सिंह ने प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य इंद्रेश उपाध्याय से मुलाकात कर पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा से जुड़े अपने कार्यों की जानकारी साझा की। मुलाकात के दौरान आदित्य ने तुलसी का पौधा, ‘राम राज्य’ उपन्यास और पर्यावरण एवं स्वदेशी संदेश से जुड़ा इको-फ्रेंडली खादी फ्रेम भेंट किया। आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने आदित्य के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें वृंदावन स्थित आश्रम में पर्यावरण संरक्षण एवं युवा जनजागरूकता के कार्यों से जुड़ने का आमंत्रण दिया।

Sep 27, 2026 - 08:55
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आचार्य इंद्रेश उपाध्याय से मिले बाल पर्यावरणविद् आदित्य राजे, वृंदावन में पर्यावरण सेवा का मिला आमंत्रण

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर के 13 वर्षीय युवा पर्यावरणविद् एवं बाल योग गुरु आदित्य राजे सिंह ने प्रसिद्ध कथावाचक एवं आध्यात्मिक संत आचार्य इंद्रेश उपाध्याय से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मुलाकात के दौरान पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के प्रति जागरूकता, योग और सामाजिक सेवा से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। आदित्य ने आचार्य इंद्रेश उपाध्याय को अपने अब तक किए जा रहे पर्यावरण एवं जनजागरूकता संबंधी कार्यों की जानकारी भी दी।

मुलाकात के अवसर पर आदित्य राजे ने आचार्य इंद्रेश उपाध्याय को तुलसी का पौधा भेंट किया। इसके साथ ही उन्होंने ‘राम राज्य’ उपन्यास तथा पर्यावरण और स्वदेशी संदेश से जुड़े इको-फ्रेंडली खादी पर अंकित ‘वंदे मातरम्’ का विशेष फ्रेम भी भेंट किया। इन उपहारों के माध्यम से आदित्य ने पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति और स्वदेशी विचारों से जुड़े संदेश को सामने रखा।

आदित्य राजे ने बताया कि वह पांच वर्ष की आयु से ही पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, प्रकृति जागरूकता और योग के क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। कम उम्र में पर्यावरण के प्रति उनकी रुचि ने उन्हें पौधरोपण और प्रकृति संरक्षण जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। मुलाकात के दौरान उन्होंने अपने अनुभवों और अब तक किए गए प्रयासों के बारे में आचार्य इंद्रेश उपाध्याय से विस्तार से चर्चा की।

आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने आदित्य के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया। उन्होंने आदित्य को वृंदावन स्थित अपने आश्रम में आने का आमंत्रण भी दिया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और युवा जनजागरूकता से जुड़े कार्यों में साथ जुड़कर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस आमंत्रण से आदित्य के पर्यावरण संबंधी प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए एक नया अवसर मिलने की बात सामने आई है।

आदित्य राजे ने आचार्य इंद्रेश उपाध्याय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद से पर्यावरण एवं समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को लेकर युवाओं और बच्चों की भागीदारी बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की।

बताया गया है कि आदित्य राजे का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। उन्हें कम उम्र में पीएचडी धारक के रूप में सम्मानित किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि ऐसे रिकॉर्ड संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। आदित्य की गतिविधियों में पर्यावरण संरक्षण के साथ योग और प्रकृति जागरूकता को भी प्रमुखता दी जाती रही है।

मुलाकात के दौरान पर्यावरण संरक्षण को केवल पौधरोपण तक सीमित न रखते हुए प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। वृंदावन में पर्यावरण सेवा से जुड़ने का आमंत्रण मिलने के बाद आदित्य राजे ने भविष्य में इस दिशा में और सक्रिय रूप से कार्य करने की इच्छा जताई।