दिल्ली में लोकतंत्र बचाओ मार्च में शामिल हुई छत्तीसगढ़ कांग्रेस, भूपेश बघेल सहित दुर्ग के नेताओं ने उठाई ‘वोट चोरी’ के खिलाफ आवाज
नई दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं ने भाग लिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और दुर्ग के जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर, धीरज बाकलीवाल व मुकेश चंद्राकर सहित अन्य नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग। देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की ओर से नई दिल्ली में आयोजित ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं ने हिस्सा लिया। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब से सुप्रीम कोर्ट तक आयोजित इस मार्च में पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित दुर्ग जिले के कई नेता शामिल हुए। कांग्रेस ने इस आंदोलन के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को उठाया।
दिल्ली में रणनीति बनाने में जुटे रहे भूपेश बघेल
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए भूपेश बघेल पिछले कई दिनों से दिल्ली में मौजूद थे। मार्च के दौरान उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ अग्रिम पंक्ति में भाग लिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
भूपेश बघेल ने कहा कि कथित वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक लोकतंत्र की पूर्ण बहाली सुनिश्चित नहीं हो जाती। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पहले चुनाव आयोग और राष्ट्रपति के समक्ष अपनी बात रख चुकी है। अब नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया गया है। ये बयान कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों और उनके राजनीतिक रुख को दर्शाते हैं।
दुर्ग के कांग्रेस नेता भी हुए शामिल
इस मार्च में दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल और भिलाई नगर अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने भी भाग लिया। विज्ञप्ति में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के अध्यक्षों और विधायकों ने भी आंदोलन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने दूरभाष पर मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, भूपेश बघेल, छत्तीसगढ़ प्रभारी सुखदेव भगत और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की मौजूदगी में आयोजित मार्च में वे शामिल हुए। उन्होंने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इस मुद्दे पर लगातार आवाज उठा रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
राकेश ठाकुर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करने वाली गतिविधियों का विरोध किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि संबंधित आरोपों के संबंध में पर्याप्त आधार हैं, तो कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने मार्च के जरिए चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूची की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का मुद्दा उठाया। हालांकि, ‘वोट चोरी’ और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोप कांग्रेस का पक्ष हैं; इनकी पुष्टि स्वतंत्र जांच या सक्षम प्राधिकारी के निष्कर्षों के आधार पर ही की जा सकती है।
इस आंदोलन में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की भागीदारी को पार्टी ने लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के रूप में प्रस्तुत किया। पार्टी नेताओं ने संकेत दिया कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा।