छत्तीसगढ़ में समिति प्रबंधकों और फड़मुंशियों को मिलेगी 2-2 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा, सेवानिवृत्ति पर भी सहायता
छत्तीसगढ़ सरकार ने लघु वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधकों और फड़मुंशियों के लिए दो-दो लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा का प्रावधान किया है। इसके साथ ही समिति प्रबंधकों को सेवानिवृत्ति पर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ की 27वीं वार्षिक साधारण सभा में कर्मचारी कल्याण, लंबित भुगतान, नए भवनों के निर्माण और वन धन विकास केंद्रों के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधकों और फड़मुंशियों के लिए सरकार ने कर्मचारी कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब इन मैदानी कार्यकर्ताओं को दो-दो लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही समिति प्रबंधकों को सेवानिवृत्ति के समय एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित की 27वीं वार्षिक साधारण सभा में कर्मचारी कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और अधोसंरचना विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
सामाजिक सुरक्षा और लंबित प्रकरणों के भुगतान पर फैसला
वार्षिक साधारण सभा में शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के पूर्व के लंबित प्रकरणों का भुगतान संघ मद से चरणबद्ध तरीके से करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 69 पात्र हितग्राहियों के खातों में ऑनलाइन माध्यम से सीधे राशि हस्तांतरित की गई। इस निर्णय से लंबे समय से लंबित प्रकरणों के निराकरण की दिशा में कदम उठाया गया है।
बैठक में समिति प्रबंधकों और फड़मुंशियों की सामाजिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई। मैदानी स्तर पर काम करने वाले इन कर्मचारियों को जोखिम से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से दो-दो लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा राशि का प्रावधान किया गया है। यह पहल उनके कार्य के दौरान संभावित जोखिमों को देखते हुए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सेवानिवृत्ति पर समिति प्रबंधकों को मिलेगी आर्थिक सहायता
समिति प्रबंधकों के लिए सेवानिवृत्ति के समय एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय भी लिया गया है। इससे लंबे समय तक समितियों में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक संबल मिल सकेगा। सरकार और सहकारी संघ की ओर से लिए गए इन निर्णयों का उद्देश्य कर्मचारियों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
समितियों और वन धन विकास केंद्रों के बनेंगे नए भवन
साधारण सभा में अधोसंरचना विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। जिन प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के पास स्वयं के भवन नहीं हैं, उनके लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। इससे समितियों के कामकाज को व्यवस्थित बनाने और स्थानीय स्तर पर सुविधाओं का विस्तार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के वन धन विकास केंद्रों के लिए भी नए भवन बनाए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से जनजातीय आजीविका और लघु वनोपज से जुड़ी गतिविधियों को मजबूती देने का लक्ष्य रखा गया है। समितियों के कार्यालयों में स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों के आयोजन के लिए अलग बजट उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया गया।
साधारण सभा में वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ की इस 27वीं वार्षिक साधारण सभा में संघ अध्यक्ष रूपसाय सलाम, उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा, वन विभाग के सचिव अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण पांडेय और लघु वनोपज संघ की प्रबंध संचालक संजीता गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में लिए गए निर्णयों से लघु वनोपज सहकारी समितियों के कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा, सेवानिवृत्ति सहायता और ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।