बिलासपुर में 26वीं राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता संपन्न, विजेता खिलाड़ी शिलांग में करेंगे छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व

बिलासपुर के डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय में आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में 20 जिलों के लगभग 300 प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीरंदाज 11 से 18 नवंबर तक शिलांग में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।

Oct 18, 2026 - 08:28
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बिलासपुर में 26वीं राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता संपन्न, विजेता खिलाड़ी शिलांग में करेंगे छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व

UNITED NEWS OF ASIA. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 26वीं राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक समापन हुआ। डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, कोटा के खेल मैदान में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 20 जिलों से लगभग 300 तीरंदाजों, प्रशिक्षकों, मैनेजरों और तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके पैरा तीरंदाजों ने भी सामान्य वर्ग में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता तीरंदाज 11 से 18 नवंबर 2026 तक मेघालय के शिलांग में आयोजित सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस आयोजन ने प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि तीरंदाजी भारत की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, अर्जुन, परशुराम और द्रोणाचार्य जैसे महान धनुर्धरों ने इस परंपरा को गौरवान्वित किया है। वर्तमान समय में तीरंदाजी विज्ञान, तकनीक, शारीरिक क्षमता और मानसिक एकाग्रता पर आधारित आधुनिक प्रतिस्पर्धात्मक खेल बन चुकी है।

संजय अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की है। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने तीरंदाजी को प्रोत्साहित करने के लिए कैलाश मुरारका और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के महासचिव आयुष मुरारका ने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर प्रदान करती हैं। प्रदेश में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार, प्रतिभाशाली तीरंदाजों को बेहतर मार्गदर्शन देने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के प्रयास लगातार जारी हैं।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अरविंद तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय तीरंदाजी के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा। एडवोकेट ईशा अग्रवाल ने अतिथियों एवं खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए आयोजन की सराहना की। कैलाश मुरारका ने विश्वास व्यक्त किया कि उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ के तीरंदाज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाएंगे।

समापन समारोह में शिव तराई आर्चरी अकादमी की अध्यक्ष वंदना उईके सहित अनेक अतिथि उपस्थित रहे। इस दौरान विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए गए। आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन, बिलासपुर आर्चरी एसोसिएशन और डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा, योग एवं खेल विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. जय शंकर यादव रहे। जिला तीरंदाजी संघ के सचिव डॉ. आलोक शर्मा ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ. ब्रह्मेश श्रीवास्तव ने किया। अंत में डॉ. आलोक शर्मा ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अधिकारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ में तीरंदाजी के बढ़ते महत्व और खेल प्रतिभाओं की संभावनाओं को सामने लाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन साबित हुई।