झाल में आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती पर सवाल, आवेदिकाओं ने रद्द कर पुनः भर्ती की मांग की

बेमेतरा विकासखंड के ग्राम पंचायत झाल स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-02 में सहायिका पद की भर्ती प्रक्रिया को लेकर आवेदिकाओं ने अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं ने जिला कलेक्टर से शिकायत कर पात्र-अपात्र सूची और दावा-आपत्ति की जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाने का आरोप लगाया है। आवेदिकाओं ने भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर नियमों के अनुसार पुनः भर्ती कराने की मांग की है।

Oct 5, 2026 - 13:28
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झाल में आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती पर सवाल, आवेदिकाओं ने रद्द कर पुनः भर्ती की मांग की

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l बेमेतरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत झाल के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-02 में सहायिका पद की भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया है। भर्ती प्रक्रिया में शामिल आवेदिकाओं ने प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर से शिकायत की है।

शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ वर्तमान भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर नियमों के अनुसार दोबारा भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।

आवेदिकाओं का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान पात्र और अपात्र अभ्यर्थियों की सूची सार्वजनिक नहीं की गई। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक पात्र-अपात्र सूची को सार्वजनिक स्थान पर चस्पा भी नहीं कराया गया और न ही अभ्यर्थियों को किसी अन्य माध्यम से इसकी सूचना दी गई। इसके चलते भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर आवेदिकाओं के बीच सवाल खड़े हुए हैं।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों को पात्रता से संबंधित जानकारी, चयन प्रक्रिया और दावा-आपत्ति का अवसर मिलना जरूरी है। लेकिन झाल के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-02 में सहायिका पद की भर्ती के दौरान उन्हें कथित तौर पर पात्र-अपात्र सूची और दावा-आपत्ति की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। इसी को लेकर आवेदिकाओं ने प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

मामले में आवेदिकाओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी दस्तावेजों और प्रक्रिया की जांच की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि पात्र-अपात्र अभ्यर्थियों की सूची कब और किस माध्यम से जारी की गई थी तथा दावा-आपत्ति के लिए अभ्यर्थियों को किस प्रकार सूचना दी गई। शिकायतकर्ताओं ने जांच के बाद वर्तमान भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर नियमों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से पुनः भर्ती कराने की मांग की है।

आवेदिका रवीना कोसले ने मामले को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। उनका कहना है कि अभ्यर्थियों को भर्ती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी, ताकि वे आवश्यकता पड़ने पर दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकें। इसी तरह अन्य आवेदिकाओं के परिजनों ने भी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

फिलहाल शिकायत के बाद मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में पहुंच गया है। अब प्रशासनिक स्तर पर शिकायत में लगाए गए आरोपों और भर्ती प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। यदि जांच में प्रक्रिया से संबंधित किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

ग्रामीण क्षेत्र में आंगनबाड़ी सहायिका जैसे पदों की भर्ती स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में आवेदिकाओं ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए जाने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलना चाहिए और चयन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी समय पर सार्वजनिक की जानी चाहिए।

इस मामले में अब प्रशासन की जांच और उसके बाद सामने आने वाले तथ्यों पर सभी की नजर है। फिलहाल आवेदिकाओं की ओर से भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर नियमों के अनुसार पुनः भर्ती कराने की मांग की गई है। मामले में अंतिम स्थिति प्रशासनिक जांच और संबंधित अधिकारियों के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।