बालको में सुरक्षा संस्कृति को मिला नया बल, पांच वर्षों में 27,000 से अधिक लोगों को सुरक्षा प्रशिक्षण

बालकोनगर में भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा कार्यस्थल पर सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कंपनी के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 27,000 से अधिक कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों और अन्य लोगों को सुरक्षा इंडक्शन दिया गया है। वित्तवर्ष 2026 में 2.30 लाख से अधिक मैन-आवर्स का सुरक्षा प्रशिक्षण पूरा किया गया। ‘सुरक्षा संकल्प’, ‘सुरक्षा स्टीवर्ड’, ‘सुरक्षा पहल’, ‘सुरक्षा ज्योति’, ‘सुरक्षा प्रहरी’, ‘सुरक्षा चौपाल’ और ‘सेफ्टी पार्क’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

Sep 28, 2026 - 18:35
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बालको में सुरक्षा संस्कृति को मिला नया बल, पांच वर्षों में 27,000 से अधिक लोगों को सुरक्षा प्रशिक्षण

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l बालकोनगर, भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) में कार्यस्थल पर सुरक्षा को केवल नियमों और प्रक्रियाओं तक सीमित न रखते हुए इसे कर्मचारियों के व्यवहार और कार्यशैली का हिस्सा बनाने की दिशा में विभिन्न पहल की जा रही हैं। कंपनी द्वारा कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों, आगंतुकों और आसपास के समुदायों के बीच सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित प्रशिक्षण, व्यावहारिक गतिविधियां और जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

बालको में कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों और आगंतुकों के लिए सुरक्षा इंडक्शन अनिवार्य किया गया है। इसके माध्यम से कार्यस्थल पर मौजूद संभावित जोखिमों, सुरक्षा प्रक्रियाओं और आवश्यक नियमों की जानकारी दी जाती है। प्रचालन क्षेत्र में प्रवेश से पहले प्रतिभागियों को सुरक्षा प्रक्रियाओं से परिचित कराया जाता है और इसके बाद सुरक्षा से संबंधित आकलन भी किया जाता है। कंपनी के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 27,000 से अधिक लोगों को सुरक्षा इंडक्शन दिया गया है। वित्तवर्ष 2026 में 2.30 लाख से अधिक मैन-आवर्स का सुरक्षा प्रशिक्षण भी पूरा किया गया।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि कंपनी में सुरक्षा काम करने, नेतृत्व करने और प्रतिदिन निर्णय लेने का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने ‘जीरो हार्म’ को साझा जिम्मेदारी बताते हुए जागरूकता, जिम्मेदारी और एक-दूसरे की चिंता के माध्यम से सुरक्षा को व्यवहार का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।

सुरक्षा जागरूकता को नियमित गतिविधियों से आगे बढ़ाकर व्यवहार में शामिल करने के लिए बालको ने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। ‘सुरक्षा संकल्प’ के माध्यम से लगभग पांच वर्षों से कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों के बीच सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें अलग-अलग विषयों के माध्यम से सुरक्षित कार्यप्रणालियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।

इसी तरह ‘सुरक्षा स्टीवर्ड’ कार्यक्रम के तहत शॉप फ्लोर से चुने गए सुरक्षा चैंपियन अपने सहकर्मियों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों के लिए प्रेरित करते हैं। ‘सुरक्षा पहल’ के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाती है, जबकि ‘सुरक्षा ज्योति’ के तहत सुपरवाइजरों को सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण देकर उनके नेतृत्व कौशल को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाता है।

‘सुरक्षा प्रहरी’ और ‘सुरक्षा चौपाल’ जैसे संवादात्मक मंचों के जरिए वरिष्ठ प्रबंधन और सुपरवाइजर सुरक्षा से जुड़े विषयों, चुनौतियों और बेहतर कार्यप्रणालियों पर संवाद करते हैं। इन पहलों के माध्यम से कार्यस्थल पर सुरक्षा से संबंधित अनुभव और सुझाव साझा करने का अवसर भी मिलता है।

इस वर्ष की शुरुआत में बालको ने ‘सेफ्टी पार्क’ की शुरुआत की। यह अनुभव आधारित प्रशिक्षण केंद्र है, जहां मॉडल, व्यावहारिक मॉड्यूल और दृश्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सुरक्षा नियमों और प्रक्रियाओं को समझाया जाता है। इससे प्रशिक्षण लेने वाले प्रतिभागियों को सुरक्षा उपायों को देखकर और व्यावहारिक तरीके से समझने का अवसर मिलता है।

सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के लिए बालको को ग्लोबल रोड सेफ्टी अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किए जाने की जानकारी भी कंपनी ने दी है। बालको के अनुसार, यह सम्मान सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की पहचान है। इन विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए कंपनी कार्यस्थल और आसपास के समुदायों में सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने तथा ‘जीरो हार्म’ की संस्कृति को मजबूत करने पर जोर दे रही है।