बालको के पोषण माह अभियान से बाल पोषण के प्रति बढ़ी जागरूकता, 28 नंद घरों में 1,500 से अधिक लोगों तक पहुंच
बालको ने पोषण माह 2026 के समापन पर बच्चों, माताओं और देखभाल करने वालों के बीच संतुलित आहार एवं स्वस्थ खानपान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित कीं। ‘आरोग्य’ परियोजना और ‘नंद घर’ पहल के तहत 28 नंद घरों में 1,500 से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई गई। अभियान में बच्चों के वजन और विकास की जांच, पौष्टिक भोजन बनाने के प्रदर्शन, पोषण बाड़ी को बढ़ावा देने और सामुदायिक सहभागिता पर विशेष जोर दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l बालकोनगर बच्चों में पोषण के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ खानपान की आदतों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने पोषण माह 2026 का समापन कार्यक्रम आयोजित किया। वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी बालको की ‘आरोग्य’ परियोजना और ‘नंद घर’ पहल के तहत आयोजित इस अभियान में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, शारीरिक विकास और समुदाय की भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया गया। अभियान के माध्यम से 28 नंद घरों में 1,500 से अधिक बच्चों, माताओं और उनकी देखभाल करने वालों तक पहुंच बनाई गई। यह पहल भारत सरकार के पोषण अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप संचालित की गई।
अभियान के दौरान परिवारों को बताया गया कि बच्चों के शारीरिक विकास, सीखने की क्षमता और बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार कितना महत्वपूर्ण है। माताओं और देखभाल करने वालों ने जागरूकता सत्रों में भाग लिया। इस दौरान बच्चों के वजन और विकास की जांच के साथ संतुलित आहार तथा स्वस्थ खानपान पर चर्चा की गई। स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध खाद्य सामग्री से पौष्टिक व्यंजन तैयार करने का प्रदर्शन भी किया गया, ताकि परिवार इन तरीकों को अपने दैनिक जीवन में अपना सकें।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने कहा कि कंपनी की स्वास्थ्य संबंधी परियोजनाएं सभी आयु वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाती हैं और इनमें बच्चों का पोषण प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पोषण माह जैसी पहल के जरिए समुदाय के साथ मिलकर पोषण और बचाव आधारित स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाता है। इस अभियान के दौरान 1,500 से अधिक अभिभावकों और स्वास्थ्य से जुड़े लोगों तक पहुंच बनाना महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने समुदाय के लोगों के विश्वास और भागीदारी के लिए आभार जताते हुए बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास जारी रखने की बात कही।
कार्यक्रम के दौरान ताजा और गर्म पका हुआ भोजन तैयार करने के तरीकों का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही पोषण बाड़ी को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया गया। अभियान में मोटे अनाज, दालों और मौसमी सब्जियों के पोषण संबंधी लाभों की जानकारी दी गई। घर में उगाई गई स्थानीय उपज का उपयोग करके बच्चों और परिवार के पोषण को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य परिवारों को ऐसे व्यावहारिक उपायों से जोड़ना था, जिन्हें वे अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में अपना सकें।
अभियान को व्यापक सामुदायिक सहभागिता से जोड़ने के लिए अभिभावकों, स्वयं सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के साथ बैठकें भी आयोजित की गईं। इन बैठकों के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य और विकास के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत करने का प्रयास किया गया। पोषण संबंधी जानकारी को घर-घर तक पहुंचाने और परिवारों को जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
सतनाम नगर की चंद्रकांता महिलाने ने कार्यक्रम के अनुभव साझा करते हुए बताया कि सत्र में घर में आसानी से उपलब्ध सामग्री से बच्चों के लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन तैयार करने की उपयोगी जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि बच्चों के वजन, पाचन और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक भोजन के बारे में मिली जानकारी सरल और व्यावहारिक थी, जिसे घर पर अपनाया जा सकता है।
महीने भर चले इस अभियान का समापन क्लस्टर स्तर पर आयोजित पोषण माह समारोह के साथ हुआ। इस दौरान पोषण विषय पर आधारित प्रतियोगिताएं और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बालको की इस पहल ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ एवं सशक्त समुदाय के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया।