उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा बच्चों के बीच पहुंचे और उनसे सहजता से बातचीत की। उन्होंने कुछ बच्चों को गोद में उठाया, उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। बच्चों को उन्होंने खिलौने और चॉकलेट भी भेंट किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में आकर उन्हें घर जैसा माहौल महसूस हो रहा है। बच्चों की सहजता और उत्साह देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।
बच्चों द्वारा तैयार की गई चित्रकारी भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। नन्हे बच्चों के बनाए चित्रों को देखकर उप मुख्यमंत्री ने उनकी रचनात्मकता की सराहना की। एक बच्चे द्वारा सैनिक, भगवान शंकर और तिरंगे से संबंधित चित्र बनाए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छोटी उम्र में बच्चे अपनी सोच को चित्रों के माध्यम से व्यक्त कर रहे हैं, जो उनके रचनात्मक विकास को दर्शाता है। उन्होंने बच्चों, माताओं, अभिभावकों और महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े लोगों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि के उपयोग की जानकारी भी ली गई। महिलाओं ने बताया कि वे इस राशि का उपयोग अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना, नोनी सुरक्षा योजना सहित अन्य आवश्यक कार्यों में कर रही हैं। कुछ परिवारों ने राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों में करने की जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री ने महिलाओं द्वारा राशि के उपयोग के संबंध में साझा किए गए अनुभवों को सुना और कहा कि आर्थिक सहायता का उपयोग परिवार की आवश्यकताओं और बच्चों के भविष्य को मजबूत करने में किया जा रहा है।
कार्यक्रम में बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। वहीं महिलाओं के लिए रंगोली, मेहंदी और पारंपरिक व्यंजन प्रतियोगिताएं भी रखी गईं। महिलाओं ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न गतिविधियों और प्रदर्शनी का अवलोकन कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग उपयोगी कार्यों और भविष्य की योजनाओं के लिए करने वाली माताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। लाभार्थी लक्ष्मी साहू और नंद रानी साहू ने योजना से मिले सहयोग और उसके उपयोग से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों, महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच संवाद और सहभागिता का अवसर मिला। कार्यक्रम में बच्चों की रचनात्मक गतिविधियों, महिलाओं की प्रतिभाओं और आंगनबाड़ी केंद्र की गतिविधियों को प्रमुखता से सामने लाया गया। बच्चों की मुस्कान, उनकी चित्रकारी और महिलाओं की सक्रिय सहभागिता कार्यक्रम की खास पहचान रही।