तिल्दा-नेवरा में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीणों में आक्रोश, पांच गांवों ने सौंपा ज्ञापन

तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती से परेशान खपरीकला, खपरीखुर्द, मोहगांव, कोटा और सतभावा के ग्रामीणों ने एकजुट होकर विद्युत विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और बार-बार होने वाली कटौती पर रोक लगाने की मांग की। पूर्व जिला पंचायत सभापति एवं किसान नेता राजू शर्मा ने भी बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।

Oct 24, 2026 - 09:08
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तिल्दा-नेवरा में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीणों में आक्रोश, पांच गांवों ने सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा-नेवरा l छत्तीसगढ़ के तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बिजली आपूर्ति की अनियमितता से परेशान खपरीकला, खपरीखुर्द, मोहगांव, कोटा और सतभावा सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने एकजुट होकर विद्युत विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार करने और नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि बार-बार बिना सूचना बिजली बंद होने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, अघोषित बिजली कटौती का असर घरेलू कामकाज, पेयजल व्यवस्था, खेती-किसानी और छोटे व्यवसायों पर पड़ रहा है। बिजली बंद रहने से पानी की उपलब्धता सहित कई जरूरी कार्य प्रभावित होते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो रही है। उन्होंने विद्युत विभाग से सवाल किया कि आखिर कब तक क्षेत्र के लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ेगा।

इस दौरान पूर्व सभापति, जिला पंचायत रायपुर एवं किसान नेता राजू शर्मा ने भी ग्रामीणों की समस्या को गंभीर बताते हुए बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए विभागीय व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। ग्रामीणों ने भी एकजुट होकर अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं और शीघ्र समाधान की मांग की।

ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से मांग की कि बिना पूर्व सूचना के बार-बार बिजली बंद करने की समस्या पर रोक लगाई जाए। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि ग्रामीणों को निर्बाध और नियमित बिजली मिल सके। यदि किसी तकनीकी खराबी, रखरखाव या अन्य आवश्यक कार्य के कारण बिजली बंद करनी हो, तो उपभोक्ताओं को पहले से सूचना दी जाए, जिससे वे अपने जरूरी कामों की योजना बना सकें।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा की अनियमितता से गांवों में रहने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। खेती-किसानी और पेयजल व्यवस्था के लिए बिजली की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। ऐसे में नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना आवश्यक है।

ग्रामीणों ने विभाग से उम्मीद जताई कि उनकी सामूहिक मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे। अब देखना होगा कि विद्युत विभाग इस ज्ञापन के बाद व्यवस्था में कितना सुधार करता है। फिलहाल, तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्रामीणों ने एकजुट होकर साफ संदेश दिया है कि अघोषित बिजली कटौती का स्थायी समाधान उनकी प्राथमिक मांग है।

ग्रामीणों का सवाल है कि जब बिजली बिल नियमित रूप से लिया जाता है, तो बिजली आपूर्ति भी नियमित क्यों नहीं होनी चाहिए? अब ग्रामीणों को विभागीय कार्रवाई और समस्या के समाधान का इंतजार है।