शेयर बाजार में तेजी: सेंसेक्स 270 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,100 के करीब; 7 दिन में FIIs ने बेचे ₹10,157 करोड़ के शेयर

16 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 270 अंक चढ़कर 74,500 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी करीब 100 अंकों की बढ़त के साथ 23,100 के स्तर के करीब कारोबार करता दिखा। आईटी और मीडिया शेयरों में खरीदारी रही, जबकि FMCG सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPI) ने पिछले सात दिनों में 10,157 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इसी अवधि में 11,474 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया। एशियाई और अमेरिकी बाजारों में तेजी के बीच निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है।

Oct 16, 2026 - 12:53
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शेयर बाजार में तेजी: सेंसेक्स 270 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,100 के करीब; 7 दिन में FIIs ने बेचे ₹10,157 करोड़ के शेयर

UNITED NEWS OF ASIA. भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को तेजी का रुख देखने को मिला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 270 अंक चढ़कर 74,500 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी करीब 100 अंकों की बढ़त के साथ 23,100 के स्तर के करीब कारोबार करता दिखा। बाजार में आईटी और मीडिया सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, वहीं FMCG सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। बाजार में तेजी के बावजूद विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त

शुक्रवार के कारोबारी सत्र में प्रमुख शेयर सूचकांकों में मजबूती देखने को मिली। सेंसेक्स में 270 अंकों की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी लगभग 100 अंक ऊपर रहा। आईटी और मीडिया कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला। दूसरी ओर, FMCG सेक्टर में बिकवाली के कारण इस क्षेत्र के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कारोबार के दौरान घरेलू और वैश्विक संकेतों के साथ निवेशकों की खरीदारी तथा बिकवाली बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती है।

एशियाई बाजारों में भी तेजी

भारतीय बाजार के साथ एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 3.37 प्रतिशत चढ़कर 5,726 के स्तर पर पहुंच गया। जापान का निक्केई इंडेक्स 1.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 65,410 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.18 प्रतिशत बढ़कर 24,347 के स्तर पर पहुंच गया। एशियाई बाजारों की यह तेजी वैश्विक शेयर बाजारों में सकारात्मक रुझान को दर्शाती है, हालांकि अलग-अलग बाजारों की चाल कई स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करती है।

अमेरिकी शेयर बाजार भी बढ़त के साथ बंद

गुरुवार, 15 अक्टूबर को अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। डाउ जोन्स इंडेक्स 556 अंक यानी 1.08 प्रतिशत चढ़कर 52,178 पर पहुंच गया। नैस्डैक इंडेक्स 20 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 26,713 पर रहा, जबकि S&P 500 इंडेक्स 25 अंक यानी 0.33 प्रतिशत बढ़कर 7,744 पर बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों की तेजी से वैश्विक निवेशकों के सकारात्मक रुख का संकेत मिला, हालांकि इसका भारतीय बाजार पर प्रभाव हर कारोबारी सत्र में अलग-अलग हो सकता है।

सात दिनों में FIIs ने बेचे 10,157 करोड़ रुपये के शेयर

भारतीय बाजार में तेजी के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs/FPI की बिकवाली जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले सात दिनों में विदेशी निवेशकों ने 10,157 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। पिछले 30 दिनों में उनकी नेट बिकवाली 89,516 करोड़ रुपये रही। ताजा कारोबारी आंकड़ों में विदेशी निवेशकों की शुद्ध बिकवाली 5,285 करोड़ रुपये बताई गई है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार पर दबाव बना सकती है, लेकिन इसका प्रभाव अन्य निवेशकों की खरीदारी और बाजार की परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है।

घरेलू निवेशकों की खरीदारी से बाजार को सहारा

विदेशी निवेशकों के विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशक यानी DIIs लगातार खरीदारी कर रहे हैं। पिछले सात दिनों में घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 11,474 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। वहीं, पिछले 30 दिनों में उनकी नेट खरीदारी 96,279 करोड़ रुपये रही। ताजा कारोबारी आंकड़ों के अनुसार, DIIs ने 3,319 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। घरेलू निवेशकों की यह खरीदारी विदेशी निवेशकों की बिकवाली के प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित करने में मदद कर सकती है।

निवेशकों की नजर बाजार की अगली चाल पर

गुरुवार को भी भारतीय शेयर बाजार में तेजी रही थी और शुक्रवार को भी सेंसेक्स तथा निफ्टी में बढ़त देखने को मिली। वैश्विक बाजारों की मजबूती और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी सकारात्मक संकेत हैं, जबकि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार के लिए चुनौती बनी हुई है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक संकेतों, विभिन्न सेक्टरों के प्रदर्शन और संस्थागत निवेशकों के रुझान पर रहेगी। हालांकि, बाजार में तेजी या गिरावट की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों का ध्यान रखना चाहिए।