रायपुर के सुंदर नगर वार्ड में मंदिर निर्माण को लेकर विवाद, संदीप तिवारी ने पूर्व पार्षद मृत्युंजय दुबे पर उठाए सवाल
रायपुर के सुंदर नगर वार्ड में मंदिर निर्माण को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। संदीप तिवारी ने पूर्व पार्षद मृत्युंजय दुबे पर मंदिर निर्माण का विरोध करने का आरोप लगाते हुए भाजपा की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने हाई मास्क लगाने और सामुदायिक भवन में भागवत आयोजन को लेकर पूर्व पार्षद के कथित पुराने रुख का भी जिक्र किया। तिवारी ने मांग की कि मंदिर निर्माण पर आपत्ति का वास्तविक कारण सार्वजनिक किया जाए। यह पूरा मामला संदीप तिवारी द्वारा जारी बयान पर आधारित है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर के सुंदर नगर वार्ड में मंदिर निर्माण को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। इस मामले में संदीप तिवारी ने भाजपा के पूर्व पार्षद मृत्युंजय दुबे पर सवाल उठाते हुए मंदिर निर्माण के विरोध को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मंदिर आस्था, श्रद्धा और भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं। ऐसे में मंदिर निर्माण को लेकर विरोध की स्थिति उत्पन्न होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने भाजपा नेताओं से इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है।
संदीप तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म और मंदिरों के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर मंदिर निर्माण का मामला सामने आने पर विरोध की स्थिति दिखाई देती है। उनके अनुसार, धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर राजनीतिक लाभ के बजाय समाज की भावनाओं और स्थानीय नागरिकों की सहमति का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर निर्माण को लेकर कोई तकनीकी, कानूनी या प्रशासनिक आपत्ति है, तो उसे तथ्यों के साथ सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
हाई मास्क लगाने को लेकर उठाए सवाल
संदीप तिवारी ने पूर्व पार्षद मृत्युंजय दुबे के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि जिस जमीन पर अब मंदिर निर्माण को लेकर विवाद हो रहा है, उसी जमीन पर हाई मास्क लाइट लगाए जाने के समय विरोध क्यों नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय इसका श्रेय लिया गया, जबकि अब मंदिर निर्माण के मामले में आपत्ति जताई जा रही है। तिवारी के मुताबिक, इस घटनाक्रम से सुंदर नगर वार्ड में पार्षदों के बीच श्रेय लेने की राजनीति सामने आ रही है। हालांकि, ये आरोप संदीप तिवारी की ओर से लगाए गए हैं।
भागवत आयोजन को लेकर भी लगाया आरोप
संदीप तिवारी ने अपने बयान में अश्वनी नगर सामुदायिक भवन में भागवत आयोजन के लिए स्थान आरक्षित किए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व पार्षद ने उस समय भी विरोध किया था, जिसके बाद आयोजन के लिए किया गया आरक्षण रद्द कर दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि मृत्युंजय दुबे करीब बीस वर्षों तक सुंदर नगर वार्ड के पार्षद रहे, लेकिन उनके कार्यकाल में मंदिर निर्माण नहीं कराया गया। इन आरोपों पर पूर्व पार्षद का पक्ष इस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।
भाजपा से स्पष्टीकरण की मांग
संदीप तिवारी ने कहा कि मंदिर निर्माण को लेकर आपत्ति जताने वालों को उसका वास्तविक आधार स्पष्ट करना चाहिए। उनके अनुसार, धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और संवाद जरूरी है। उन्होंने भाजपा से भी सवाल किया कि यदि पार्टी धार्मिक आस्था और सनातन परंपराओं के प्रति प्रतिबद्धता की बात करती है, तो इस मामले में उसका रुख क्या है।
तिवारी ने पूर्व पार्षद मृत्युंजय दुबे से अपना पक्ष सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि मंदिर निर्माण का विरोध किन कारणों से किया जा रहा है। सुंदर नगर वार्ड में मंदिर निर्माण को लेकर उठे इन सवालों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।