रायपुर नगर निगम के कामकाज पर प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा सख्त, सफाई और पीएम आवास योजना में लापरवाही पर जताई नाराजगी

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने रायपुर नगर निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए नागरिक-केंद्रित प्रशासन, बेहतर सफाई व्यवस्था और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर जोर दिया। पीएम आवास योजना में लापरवाही और सफाई की कमजोर व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

Oct 10, 2026 - 11:49
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रायपुर नगर निगम के कामकाज पर प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा सख्त, सफाई और पीएम आवास योजना में लापरवाही पर जताई नाराजगी

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने रायपुर नगर निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नागरिक सुविधाओं में सुधार लाने और कामकाज में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 9 अक्टूबर 2026 को सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने इज ऑफ लीविंग यानी नागरिकों के जीवन को आसान बनाने और नागरिक-केंद्रित प्रशासन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों को कस्टमर के रूप में भी देखते हुए उनकी समस्याओं और जरूरतों को प्राथमिकता के साथ हल किया जाना चाहिए।

पीएम आवास योजना में लापरवाही पर नाराजगी

समीक्षा बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों को लेकर अधिकारियों के गोलमोल जवाब पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गरीबों के आवास निर्माण में गुणवत्ताहीन काम और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को योजना के कार्यों में गंभीरता बरतने और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कामकाज में लापरवाही सामने आने पर उन्होंने दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।

सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत

शहर में कमजोर सफाई व्यवस्था को लेकर भी सोनमणि बोरा ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को गंदगी वाले स्थानों की तस्वीरें दिखाते हुए सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की हिदायत दी। उन्होंने प्रमुख मार्गों, सार्वजनिक स्थानों और शहर के अन्य क्षेत्रों में स्वच्छता सुनिश्चित करने तथा व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने पर जोर दिया। अधिकारियों को नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदारी के साथ काम करने को कहा गया।

निर्माण कार्यों में तेजी और गुणवत्ता पर जोर

प्रमुख सचिव ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तिमाही में कार्यों की प्रगति स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। अधिकारियों और अभियंताओं को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनाने तथा सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने को कहा गया।

रायपुर में निर्माणाधीन नए नालंदा परिसर को लेकर भी उन्होंने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराने नालंदा परिसर की कमियों को ध्यान में रखकर नए परिसर में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएं। नए भवन में दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं के अनुरूप सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

जल और सीवेज संयंत्रों में ऊर्जा बचत

बैठक में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में बिजली की खपत कम करने के लिए ऊर्जा-कुशल तकनीकों के इस्तेमाल पर चर्चा हुई। प्रमुख सचिव ने नागरिक सेवाओं को अधिक सुगम बनाने, जरूरत के अनुसार दस्तावेज उपलब्ध कराने और राजस्व वसूली में डिजिटल एवं आधुनिक तकनीकों को अपनाने के निर्देश दिए। इससे नागरिक सेवाओं की प्रक्रिया तेज करने और लोगों को सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

शीतला तालाब का काम मार्च तक पूरा करने के निर्देश

मिशन अमृत 2.0 के तहत रायपुर के शीतला तालाब के पुनरोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्यों को आगामी मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्रमुख सचिव ने तालाब के गहरीकरण, पिचिंग और पेवर-ब्लॉक से जुड़े कार्यों में निर्धारित समय-सीमा के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही निदान-1100 के माध्यम से प्राप्त नागरिक शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश क्षीरसागर, सूडा के सीईओ सुमीत अग्रवाल, रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, संयुक्त संचालक एस.के. सुंदरानी, मुख्य अभियंता राजेश सुंदरानी सहित निगम के अपर आयुक्त, उपायुक्त, अभियंता और सभी जोनों के कमिश्नर उपस्थित रहे। समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना, नागरिकों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराना और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जवाबदेही सुनिश्चित करना रहा।