महासमुंद में मतदाता सूची से नाम काटे जाने के विरोध में कांग्रेस का मार्च, मुख्य निर्वाचन आयुक्त को बर्खास्त करने और गिरफ्तारी की मांग

छत्तीसगढ़ के महासमुंद में शहर कांग्रेस कमेटी ने “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में ब्लॉक स्तरीय मार्च निकाला। गुरमीत चावला के नेतृत्व में कांग्रेस भवन से शुरू हुआ मार्च एसडीएम कार्यालय पहुंचा, जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच, बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग की। पार्टी ने पात्र मतदाताओं के मतदान अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया।

Oct 21, 2026 - 08:37
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महासमुंद में मतदाता सूची से नाम काटे जाने के विरोध में कांग्रेस का मार्च, मुख्य निर्वाचन आयुक्त को बर्खास्त करने और गिरफ्तारी की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जाने के विरोध में शहर कांग्रेस कमेटी महासमुंद ने सोमवार को ब्लॉक स्तरीय विरोध मार्च निकाला। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (CGPCC) के आह्वान पर आयोजित यह कार्यक्रम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान का हिस्सा था। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुरमीत चावला के नेतृत्व में निकला मार्च कांग्रेस भवन से शुरू होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचा। यहां कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामले में हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की मांग की।

विरोध मार्च में प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रभारी महामंत्री अमरजीत चावला, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं 2023 विधानसभा चुनाव में महासमुंद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहीं डॉ. रश्मि चंद्राकर, पूर्व संसदीय सचिव एवं पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोजकांत साहू सहित अनेक पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।

मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची से कथित तौर पर पात्र नागरिकों के नाम हटाए जाने को लेकर नाराजगी जताई। नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में नियमों के विरुद्ध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। कांग्रेस ने इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से बर्खास्त करने और उनके खिलाफ कार्रवाई कर गिरफ्तारी की मांग उठाई। ये आरोप कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।

विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर नारेबाजी की। साथ ही भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी नारे लगाए गए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना आवश्यक है और मतदाता सूची की निष्पक्षता बनाए रखना चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए महत्वपूर्ण है।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। पार्टी नेताओं का कहना था कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम अनुचित तरीके से सूची से हटाया गया है, तो मामले की जांच कर उचित सुधार किया जाना चाहिए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।

इस ब्लॉक स्तरीय मार्च में लक्ष्मी देवांगन, भरत ठाकुर, निर्मल जैन, राशि महिलांग, अमन चंद्राकर, ढेलू निषाद, पार्षद मुस्ताक खान, तुलसी साहू, मनोहर ठाकुर, तबरेज खान, वीरेंद्र चंद्राकर, अमर चंद्राकर, सोनम बांसोड़, डॉ. एजाज नकवी, नितेंद्र बनर्जी, राजू साहू, अनुराग चंद्राकर, टोमन कागजी, अरिश अनवर, डॉ. के.के. जैन, नारायण नामदेव, कपिल साहू, संतोष धीवार, राजेन्द्र साहू, मोती साहू, लीलू साहू, युवराज साहू, पिंकी ध्रुव, लक्ष्मी सोनी, विक्रम कांत साहू, लता चंद्राकर, तुलसी देवदास, भानु सोनी और छोटेलाल सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

शहर कांग्रेस कमेटी ने कहा कि “वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान के माध्यम से लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए जनजागरूकता तथा लोकतांत्रिक विरोध कार्यक्रम जारी रखे जाएंगे।