भारी बारिश के बीच फरसगांव में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन, जयकारों के साथ दी गई विदाई
फरसगांव में 11 दिनों तक चले गणेशोत्सव के बाद शुक्रवार को भारी बारिश के बीच गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुनों के बीच नगर भ्रमण कराते हुए “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारों के साथ भगवान गणेश को विदाई दी। जलभराव को देखते हुए पुलिस और नगर सेना ने विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l नगर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर विभिन्न गणेश पंडालों में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमाओं का 12वें दिन शुक्रवार को भारी बारिश के बीच विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। नगर में लगातार हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं और युवाओं का उत्साह देखने लायक रहा। 11 दिनों तक चले गणेशोत्सव के दौरान नगर के अलग-अलग पंडालों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
गणेशोत्सव के 11वें दिन विभिन्न पंडालों में विशेष हवन-पूजन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। इसके बाद विसर्जन के दिन पंडालों में स्थापित प्रतिमाओं को श्रद्धापूर्वक विसर्जन के लिए रवाना किया गया। बारिश के कारण मौसम चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई।
विभिन्न गणेश पंडालों से भगवान गणेश की प्रतिमाओं को ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुनों के साथ नगर भ्रमण कराया गया। इस दौरान युवा और श्रद्धालु नाचते-गाते नजर आए। जगह-जगह भगवान गणेश के जयकारे लगाए गए और लोगों ने श्रद्धा के साथ प्रतिमाओं के दर्शन किए। “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष से नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण माहौल में भगवान गणेश को विदाई दी और निर्धारित तालाबों में प्रतिमाओं का विसर्जन किया।
इधर, पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नगर के तालाबों और जलस्रोतों में जलस्तर बढ़ गया था। इसे देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग ने विसर्जन के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था की। विभिन्न विसर्जन स्थलों पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई, ताकि श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखा जा सके और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचाव किया जा सके।
तालाबों में जलभराव और बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए नगर सेना के जवान भी आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ विसर्जन स्थलों पर तैनात रहे। जवानों ने लाइफ जैकेट सहित अन्य जरूरी संसाधनों के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभाली। पुलिस और नगर सेना की टीमों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे जलभराव वाले स्थानों पर सावधानी बरतें और निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था का पालन करते हुए ही विसर्जन प्रक्रिया में शामिल हों।
भारी बारिश और जलभराव के बीच प्रशासन, पुलिस, नगर सेना, गणेश समितियों और श्रद्धालुओं के समन्वय से विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ 11 दिनों से चल रहे गणेशोत्सव का समापन हुआ। इस दौरान नगर में धार्मिक आस्था, उत्साह और सामूहिक सहभागिता का माहौल देखने को मिला।