एसआईआर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा बयान, बोले- चुनाव आयोग ने स्थिति की स्पष्ट, अब भ्रम और संशय की कोई गुंजाइश नहीं

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एसआईआर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की संयुक्त प्रेस वार्ता के बाद एसआईआर से जुड़े सभी पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। मुख्यमंत्री के अनुसार चुनाव आयोग द्वारा तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत किए जाने के बाद अब किसी प्रकार के भ्रम या संशय की गुंजाइश नहीं है।

Oct 17, 2026 - 08:31
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एसआईआर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा बयान, बोले- चुनाव आयोग ने स्थिति की स्पष्ट, अब भ्रम और संशय की कोई गुंजाइश नहीं

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने एसआईआर से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की संयुक्त प्रेस वार्ता के बाद अब इस प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार के भ्रम या संशय की गुंजाइश नहीं रह गई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि चुनाव आयोग ने संयुक्त प्रेस वार्ता के माध्यम से एसआईआर से संबंधित विषयों पर विस्तार से तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत की है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने आने के बाद इस विषय पर स्थिति समझने में आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने आयोग की प्रेस वार्ता को एसआईआर से जुड़े सवालों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया।

दरअसल, एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज विवरणों की जांच और निर्धारित निर्वाचन नियमों के अनुसार आवश्यक संशोधन करना है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज करने, त्रुटिपूर्ण जानकारियों को सुधारने और अपात्र प्रविष्टियों की पहचान जैसे कार्य किए जाते हैं।

एसआईआर की प्रक्रिया चुनावी व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि मतदाता सूची किसी भी लोकतांत्रिक चुनाव की बुनियादी आवश्यकता होती है। मतदाता सूची की शुद्धता और पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना निर्वाचन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। ऐसे में पुनरीक्षण की प्रक्रिया, उससे संबंधित दस्तावेजों और निर्धारित नियमों की जानकारी मतदाताओं के लिए आवश्यक होती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने बयान में विशेष रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की संयुक्त प्रेस वार्ता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा तथ्यात्मक और स्पष्ट जानकारी दिए जाने के बाद एसआईआर को लेकर किसी प्रकार की शंका नहीं रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री के अनुसार आयोग ने इस विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं को विस्तार से सामने रखा है।

एसआईआर को लेकर मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब मतदाता सूची के पुनरीक्षण से संबंधित विषयों पर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर चर्चा हो रही है। चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और नागरिकों की प्रतिक्रियाएं भी महत्वपूर्ण होती हैं। हालांकि मुख्यमंत्री ने अपने बयान में मुख्य रूप से निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई जानकारी और उससे स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन प्रक्रिया के साथ मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा भी आवश्यक है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान पात्र नागरिकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपने नाम और विवरण की जांच करने तथा आवश्यक होने पर दावा या आपत्ति प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। इससे मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखने में मदद मिलती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने संयुक्त रूप से एसआईआर के संबंध में स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने दोहराया कि चुनाव आयोग द्वारा तथ्यों के साथ जानकारी सामने रखे जाने के बाद अब इस विषय पर भ्रम या संशय की कोई गुंजाइश नहीं है।