छिंदवाड़ा में भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना को जारी किया कारण बताओ नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब
छिंदवाड़ा में भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संगठनात्मक विषयों पर फोन पर चर्चा के दौरान 13 तारीख को प्रस्तावित आंदोलन के बाद ही बातचीत करने की बात कहने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। नोटिस में सात दिनों के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञराज पटेल, छिंदवाड़ा l भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर जिला स्तर पर कार्रवाई सामने आई है। भाजपा के जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में अमित सक्सेना से सात दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। यह कार्रवाई उनके दौरा कार्यक्रमों से जुड़े विभिन्न विषयों पर बातचीत के दौरान कथित तौर पर अपनाए गए रुख को लेकर की गई है।
भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव के अनुसार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना से उनके दौरा कार्यक्रमों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर फोन के माध्यम से चर्चा की गई थी। इस दौरान संबंधित विषयों पर बातचीत करने के बजाय अमित सक्सेना ने 13 तारीख को प्रस्तावित आंदोलन के बाद ही चर्चा करने की बात कही। जिलाध्यक्ष ने इस रुख को संगठनात्मक अनुशासन के दृष्टिकोण से गंभीर विषय बताते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
संवाद के बजाय आंदोलन की बात पर उठे सवाल
भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा कि सरकार और संगठन से जुड़े कई मुद्दों का समाधान आपसी संवाद और समन्वय के माध्यम से निकाला जा सकता है। ऐसे विषयों पर पहले बातचीत कर समस्या को समझने और उसका समाधान तलाशने का प्रयास किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, संवाद से पहले आंदोलन की बात करना संगठनात्मक दृष्टि से अनुशासनहीनता का विषय है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक अनुशासन, आपसी संवाद और समन्वय को प्राथमिकता दी जाती है। संगठन से जुड़े विषयों पर जिम्मेदार पदाधिकारियों से चर्चा कर समाधान निकालना पार्टी की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी आधार पर अमित सक्सेना से उनके रुख को लेकर जवाब मांगा गया है।
सात दिनों में लिखित जवाब देने के निर्देश
जारी कारण बताओ नोटिस के माध्यम से जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना को सात दिवस के भीतर अपना पक्ष लिखित रूप में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में उनसे संबंधित घटनाक्रम और बातचीत के संदर्भ में स्पष्टीकरण मांगा गया है। अब इस मामले में अमित सक्सेना की ओर से दिए जाने वाले जवाब के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
भाजपा जिला संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस कार्रवाई को संगठनात्मक अनुशासन और संवाद की प्रक्रिया से जोड़कर बताया गया है। जिलाध्यक्ष का कहना है कि आपसी बातचीत के जरिए सुलझाए जा सकने वाले मुद्दों पर पहले संवाद किया जाना चाहिए, ताकि संगठन और सरकार से संबंधित विषयों का समाधान समन्वय के माध्यम से निकाला जा सके।
इस मामले ने छिंदवाड़ा में भाजपा के जिला संगठन और जिला पंचायत उपाध्यक्ष के बीच संगठनात्मक संवाद को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। फिलहाल नोटिस जारी होने और सात दिनों में जवाब मांगे जाने की जानकारी सामने आई है। अमित सक्सेना का पक्ष या उनके जवाब का विवरण उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है। इसलिए मामले में आगे की कार्रवाई और स्थिति उनके लिखित स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।