बनियाडीह में नवरात्रि-दशहरा महोत्सव पर सजी सांस्कृतिक संध्या, छत्तीसगढ़ी नाचा-गम्मत ने बांधा समां
धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र के ग्राम बनियाडीह में नवरात्रि एवं दशहरा महोत्सव के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। मोर संगवारी लोककला मंच, भोथली (कुरूद) के कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी नाचा-गम्मत की शानदार प्रस्तुति देकर ग्रामीणों का मनोरंजन किया। मुख्य अतिथि मनोज साक्षी ने लोककला और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा नई पीढ़ी को पारंपरिक कला से जोड़ने पर जोर दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l ग्राम बनियाडीह में नवरात्रि एवं दशहरा महोत्सव के अवसर पर रंगमंच भवन में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। नवरात्रि व दशहरा उत्सव समिति, बनियाडीह के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की आकर्षक झलक देखने को मिली। प्रसिद्ध मोर संगवारी लोककला मंच, भोथली (कुरूद) के कलाकारों ने कुलभूषण चंद्राकर कृत छत्तीसगढ़ी नाचा-गम्मत की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। कलाकारों की शानदार अदाकारी और हास्य-व्यंग्य से भरपूर प्रस्तुतियों का ग्रामीणों ने देर रात तक आनंद लिया।
कार्यक्रम में लोककलाकारों ने अपनी प्रतिभा के माध्यम से छत्तीसगढ़ी जनजीवन, सामाजिक कुरीतियों और पारंपरिक मूल्यों को मंच पर जीवंत किया। हास्य-व्यंग्य के साथ सामाजिक संदेशों से सजी प्रस्तुतियों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कलाकारों की प्रस्तुति पर उपस्थित ग्रामीणों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया। पूरे आयोजन के दौरान रंगमंच भवन में उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धमतरी जिला आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष मनोज साक्षी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत मैनपुर के सरपंच सुरेंद्र कुमार नेताम ने की। विशेष अतिथियों के रूप में जनपद पंचायत नगरी के बोराई क्षेत्र के जनपद सदस्य सोनराज वट्टी, बनियाडीह सरपंच माखन लाल सलाम, लिखमा सरपंच राधाबाई नेताम, घुटकेल सरपंच कुसुमलता मरकाम, थाना प्रभारी मधुनाथ ध्रुव और ब्लॉक नगरी सतनामी समाज के अध्यक्ष विष्णु राम टंडन उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में मनोज साक्षी ने कहा कि नवरात्रि और दशहरा जैसे पर्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के साथ सामाजिक एकता और सद्भाव को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि लोककला मंचों के माध्यम से हमारी पारंपरिक कला और संस्कृति जीवित रहती है। इसलिए नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जोड़ना, उनका महत्व समझाना और उन्हें आगे बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए समिति को बधाई दी तथा लोककलाकारों का सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस सांस्कृतिक आयोजन को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष खोमेश सिंह ठाकुर, सचिव केश कुमार पांडे, कोषाध्यक्ष भुनेश्वर सिंह यादव और ग्राम पटेल दिवस कुमार पटेल सहित सदस्य यशवंत चेलक, राजकुमार वर्मा, गजलाल बेर, जनक सलाम, जगतराम नाग, सुखदेव एवं महेंद्र का विशेष योगदान रहा। आयोजन में समस्त ग्रामवासियों ने भी सक्रिय सहयोग दिया।
ग्राम बनियाडीह में आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या ने ग्रामीणों को मनोरंजन के साथ छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। नाचा-गम्मत की प्रस्तुति ने एक बार फिर स्थानीय लोककलाओं की लोकप्रियता और सामाजिक जीवन में उनके महत्व को उजागर किया।