बेमेतरा: भोथीडीह स्कूल में 120 विद्यार्थियों की पढ़ाई दो शिक्षकों के भरोसे, शिक्षिका का संलग्नीकरण समाप्त करने की मांग

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के भोथीडीह स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में शिक्षकों की कमी का मामला सामने आया है। जनपद सदस्य दीपक सिंह दिनकर ने SDM को ज्ञापन सौंपकर तीन साल से अन्यत्र संलग्न शिक्षिका को मूल शाला भेजने और कथित रूप से अनुपस्थित प्रधान पाठक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Oct 10, 2026 - 12:22
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बेमेतरा: भोथीडीह स्कूल में 120 विद्यार्थियों की पढ़ाई दो शिक्षकों के भरोसे, शिक्षिका का संलग्नीकरण समाप्त करने की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के ग्राम भोथीडीह स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में शिक्षकों की कमी और प्रधान पाठक की कथित अनुपस्थिति को लेकर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्कूल में लगभग 120 विद्यार्थियों की पढ़ाई महज दो शिक्षकों के भरोसे संचालित होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां पदस्थ एक शिक्षिका पिछले तीन वर्षों से अन्यत्र संलग्न हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस मामले को लेकर जनपद पंचायत बेमेतरा के क्षेत्र क्रमांक 16 के सदस्य दीपक सिंह दिनकर ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बेमेतरा को आवेदन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

तीन साल से अन्यत्र संलग्न हैं शिक्षिका
जनपद सदस्य द्वारा सौंपे गए आवेदन के अनुसार, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भोथीडीह में पदस्थ शिक्षिका गायत्री साहू पिछले तीन वर्षों से अन्यत्र संलग्न हैं। इसके चलते स्कूल में शिक्षकों की उपलब्धता प्रभावित होने और विद्यार्थियों को पर्याप्त शिक्षण सुविधा नहीं मिल पाने की बात कही गई है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि लगभग 120 विद्यार्थियों की पढ़ाई केवल दो शिक्षकों के भरोसे चल रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने को लेकर चिंता जताई गई है।

प्रधान पाठक पर लगातार अनुपस्थित रहने का आरोप
मामले में ग्राम की प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक संतोष राजपूत की कथित अनुपस्थिति का मुद्दा भी उठाया गया है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि प्रधान पाठक के लगातार अनुपस्थित रहने से विद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। जनपद सदस्य ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारी से मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

आवेदन के अनुसार, ग्रामीणों और शाला प्रबंधन समिति की ओर से पहले भी स्कूल की समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया गया था। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने की बात कही गई है। हालांकि, शिक्षकों की उपस्थिति और संलग्नीकरण से संबंधित आरोपों पर संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

मूल शाला में वापसी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग
जनपद सदस्य दीपक सिंह दिनकर ने विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए शिक्षिका गायत्री साहू का अन्यत्र संलग्नीकरण तत्काल समाप्त कर उन्हें उनकी मूल शाला भोथीडीह में पदस्थ करने की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से संचालित हो सके।

इसके साथ ही प्रधान पाठक संतोष राजपूत की कथित अनुपस्थिति की जांच कर उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग भी की गई है। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यार्थियों को होने वाली संभावित परेशानी की ओर आकर्षित किया गया है।

प्रशासन के कदम पर टिकी नजरें
भोथीडीह स्कूल में शिक्षकों की कमी का यह मामला सामने आने के बाद अब संबंधित शिक्षा विभाग और प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी। विद्यार्थियों को नियमित शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षकों की उपलब्धता, उपस्थिति और विद्यालय संचालन की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। अब देखना होगा कि प्रशासन शिकायत की जांच कर क्या कदम उठाता है और स्कूल की पढ़ाई सुचारु बनाने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।