कार्यशाला का उद्देश्य पंडरिया विधानसभा के शासकीय और शिशु मंदिर विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना बताया गया। साइंस पाठशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को ड्रोन, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 3D आर्ट जैसी तकनीकों से परिचित कराने की योजना है। इसके तहत प्रतिवर्ष विधानसभा क्षेत्र के लगभग 5 हजार छात्र-छात्राओं को भविष्य की तकनीक और आधुनिक शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने उपलब्ध ड्रोन, रोबोट और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं को देखा तथा इनके संभावित शैक्षणिक उपयोग की जानकारी ली।
समारोह के दौरान विधायक भावना बोहरा ने पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के 67 शिक्षकों को उनकी उत्कृष्ट और समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया। इनमें विधानसभा के सातों मंडलों के अंतर्गत सितंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच सेवानिवृत्त हुए 50 शिक्षक भी शामिल रहे। इसके अलावा वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में विपरीत परिस्थितियों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले शिक्षकों का भी सम्मान किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण 2026 के अंतर्गत सम्मानित 8 शिक्षा दूत और 1 ज्ञान दीप पुरस्कार प्राप्त शिक्षक भी समारोह में सम्मानित किए गए। बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत विद्यार्थियों के उत्तीर्ण होने वाले 8 विद्यालयों के प्राचार्यों का भी अभिनंदन किया गया। इसके साथ ही पंडरिया विधानसभा के विभिन्न विकासखंडों में कार्यरत लगभग 1600 से अधिक शिक्षकों के सम्मान का भी उल्लेख किया गया। इन शिक्षकों की उपलब्धियों को विद्यार्थियों के प्रति जिम्मेदारी, मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण से जोड़कर देखा गया।
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि शिक्षक समाज के महत्वपूर्ण शिल्पकार हैं। वे विद्यार्थियों को केवल किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनमें संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन मूल्यों का निर्माण भी करते हैं। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक द्वारा तैयार विद्यार्थी आगे चलकर परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका निभाता है। इसलिए शिक्षक का सम्मान वास्तव में ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण का सम्मान है।
उन्होंने पंडरिया विधानसभा के वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की ज्योत जलाए रखना महत्वपूर्ण सेवा है। सेवानिवृत्त शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी वर्षों की सेवा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
भावना बोहरा ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे अन्य प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि महाविद्यालयीन छात्राओं के लिए घर से महाविद्यालय आने-जाने हेतु 10 निःशुल्क बस सेवाएं संचालित की जा रही हैं, जिनसे अब तक 1500 से अधिक छात्राओं को लाभ मिलने का दावा किया गया। उन्होंने निःशुल्क कोचिंग के माध्यम से IIT-JEE, NEET और CGPSC की तैयारी के अवसर उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम के दौरान विधायक ने शिक्षकों के साथ संवाद कर उनके सुझाव और अनुभव जाने। ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए नई पहल एवं कार्ययोजनाओं पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, शिक्षक, उनके परिजन और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।