बेमेतरा संयुक्त जिला कार्यालय के 100 मीटर दायरे में धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध, धारा 163 लागू, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
बेमेतरा कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रतिष्ठा ममगाईं ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर के 100 मीटर दायरे में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश 20 अक्टूबर से 18 दिसंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा। इस दौरान धरना, प्रदर्शन, जुलूस और आमसभा पर प्रतिबंध रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में शांति, कानून व्यवस्था और शासकीय कार्यों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रतिष्ठा ममगाईं ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत बेमेतरा नगर स्थित संयुक्त जिला कार्यालय परिसर के 100 मीटर दायरे में धरना, प्रदर्शन, जुलूस और आमसभा जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। यह आदेश 20 अक्टूबर 2026 से 18 दिसंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में खाद्य शाखा, आदिवासी विकास विभाग, कृषि विभाग, आबकारी विभाग, खनिज विभाग सहित कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय संचालित होते हैं। इन कार्यालयों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आम नागरिक अपने विभिन्न शासकीय कार्यों के लिए पहुंचते हैं। इनमें दिव्यांगजन, वृद्धजन, महिलाएं और अन्य जरूरतमंद नागरिक भी शामिल होते हैं। प्रशासन का कहना है कि कार्यालय परिसर के आसपास धरना, जुलूस और प्रदर्शन जैसी गतिविधियों के कारण शासकीय कार्य प्रभावित होने के साथ आम नागरिकों को भी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर के 100 मीटर की परिधि को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है। जारी आदेश के तहत निर्धारित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, जुलूस और आमसभा आयोजित करना प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, विभिन्न संघों और आम नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा।
आदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। ड्यूटी पर तैनात पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति को प्रतिबंधित क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री, अस्त्र-शस्त्र अथवा धारदार हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि धार्मिक परंपरा के अंतर्गत धारण की जाने वाली कृपाण को इस प्रतिबंध से छूट प्रदान की गई है।
इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार की सभा, रैली अथवा जुलूस आयोजित करने से पहले जिला दण्डाधिकारी कार्यालय से लिखित अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। अनुमति के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम का स्थान, दिनांक और समय सहित संपूर्ण विवरण प्रस्तुत करना होगा। वहीं लाउडस्पीकर अथवा अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा।
जारी आदेश में संयुक्त जिला कार्यालय परिसर के 100 मीटर के भीतर पांच से अधिक व्यक्तियों के एक साथ प्रवेश करने पर भी प्रतिबंध का उल्लेख किया गया है। प्रशासन ने इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रतिष्ठा ममगाईं द्वारा जारी यह प्रतिबंधात्मक आदेश 20 अक्टूबर से 18 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। यह प्रावधान पूर्व भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के समकक्ष है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश लोक शांति, सुरक्षा व्यवस्था और शासकीय कार्यों के निर्बाध संचालन को ध्यान में रखते हुए एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है। इसका प्रमुख उद्देश्य कार्यालय परिसर में आने वाले नागरिकों को सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना और किसी भी संभावित अव्यवस्था को रोकना है।