कवर्धा: अशोका पब्लिक स्कूल की विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी में बच्चों ने दिखाया हुनर, स्मार्ट सिटी से चंद्रयान-3 तक के मॉडल बने आकर्षण

कवर्धा के अशोका पब्लिक स्कूल में आयोजित विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने स्मार्ट सिटी, चंद्रयान-3, सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, पर्यावरण और महिला सुरक्षा जैसे विषयों पर मॉडल प्रस्तुत किए। कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच ने अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया।

Oct 24, 2026 - 16:57
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कवर्धा: अशोका पब्लिक स्कूल की विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी में बच्चों ने दिखाया हुनर, स्मार्ट सिटी से चंद्रयान-3 तक के मॉडल बने आकर्षण

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l अशोका पब्लिक स्कूल में आयोजित विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और कल्पनाशीलता का शानदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में स्मार्ट सिटी, जल शुद्धिकरण, वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा, पवन चक्की, चंद्रयान-3, सौरमंडल, पर्यावरण-अनुकूल घर और महिला सुरक्षा जैसे विषयों पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों की मेहनत और हुनर ने प्रदर्शनी में पहुंचे लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपने ज्ञान और प्रतिभा को व्यावहारिक रूप में प्रदर्शित किया।

प्रदर्शनी की खास बात यह रही कि कक्षा 1 से 5 तक के छोटे बच्चों ने सीमित समय में शिक्षकों के मार्गदर्शन से आकर्षक मॉडल तैयार किए। स्मार्ट सिटी, जल शुद्धिकरण, कचरा प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, पानी की चक्की, हार्वेस्टर और फिल्म निर्माण जैसे विषयों पर बनाए गए मॉडलों के माध्यम से बच्चों ने विज्ञान को दैनिक जीवन से जोड़ने का प्रयास किया। इन परियोजनाओं में जल संरक्षण, स्वच्छता, ऊर्जा के उपयोग और आधुनिक तकनीक की उपयोगिता को सरल तरीके से समझाने की कोशिश की गई।

प्रदर्शनी के प्रथम तल पर कक्षा 6वीं, 7वीं और 8वीं के विद्यार्थियों ने विज्ञान एवं तकनीक से संबंधित विभिन्न प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। सौर ऊर्जा, पवन चक्की, चंद्रयान-3, कार्बन प्यूरीफायर और प्रदूषण के प्रभावों पर आधारित मॉडल विशेष रूप से सराहनीय रहे। इन मॉडलों के जरिए विद्यार्थियों ने ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों, अंतरिक्ष विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों को प्रस्तुत किया।

वहीं, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने केदारनाथ मंदिर का मॉडल, ज्ञानवर्धक खेल और विज्ञान से जुड़े कई रोचक प्रोजेक्ट तैयार किए। सौरमंडल, पादप कोशिका, परमाणु, न्यूटन क्रैडल, परावर्तन के नियम, जल का विद्युत अपघटन और महिला सुरक्षा जैसे विषयों पर आधारित परियोजनाओं ने दर्शकों का ध्यान खींचा। प्रत्येक मॉडल में विद्यार्थियों की मेहनत, विषय को समझने की जिज्ञासा और कुछ नया प्रस्तुत करने का उत्साह दिखाई दिया।

विद्यालय संचालक पवन देवांगन और सारिका देवांगन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता विकसित करना भी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को प्रयोग करने, नए विचारों पर काम करने और अपने ज्ञान को व्यावहारिक रूप देने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के मॉडल देखकर अभिभावकों ने भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों को स्वयं सीखने, नई चीजें बनाने और आत्मविश्वास के साथ अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करती हैं। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलने पर बच्चे अपनी प्रतिभा को नए आयाम दे सकते हैं। विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक सहयोग से आयोजित यह प्रदर्शनी ज्ञान, नवाचार और रचनात्मकता का प्रेरणादायी मंच बनी।