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ज़ेलेंस्की ने पेरिस में इमैनुएल को घेर लिया, ओलाफ शोल्ज की बैठक

वलोडिमिर ज़ेलेंस्की

प्रतिरूप फोटो

एएनआई

ऐसे समय में यात्रा की जा रही है, जब रूस का आक्रमण यूक्रेन के अपने सरजमीन को रूस के व्यवसाय से वापस लेने की योजना बना रहा है और इसके लिए उसे पश्चिमी देशों का समर्थन व उन हथियारों का अधिकार है।

पेरिस। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिम जेलेंस्की ने बुधवार को ब्रिटेन और फ्रांस की औचक यात्रा के दौरान रूस के आक्रमण के दौरान अपने देश के लिए पश्चिमी देशों का समर्थन मांगा। पेरिस पहुंचने के बाद उन्होंने ब्रिटेन की संसद को संदेश दिया। उन्होंने एलिसी पैलेस (फ्रांस के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास) में रात्रिभोज में फ्रांस और जर्मनी के नेताओं से मुलाकात की। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब रूस का आक्रमण यूक्रेन के अपने सरजमीन को रूस के व्यवसाय से वापस लेने की योजना बना रहा है और इसके लिए उसे पश्चिमी देशों का समर्थन और उन हथियारों का अधिकार है। फ्रांस पहुंचे जेलेंस्की ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल को पकड़ा और जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ पेरिस में अलंकृत किया।

जेलेंस्की का एलिसी पैलेस की झिलमिलाहट पर आज रात पकड़ा हुआ स्वागत किया और फिर तीनों नेता अंदर चले गए। यह यात्रा फ्रांस और जर्मनी के साथ यूक्रेन के संबंध में परिवर्तन का प्रतीक है। इससे पहले यूक्रेन में कई लोगों ने कहा था कि दोनों देश युद्ध में पर्याप्त मदद नहीं कर रहे हैं। मैट्रिक ने डिनर से पहले कहा, ”यूक्रेन युद्ध जीतने के लिए फ्रांस, उसके यूरोपीय साथी और साथी गारंटी दे सकते हैं। रूस युद्ध नहीं जीत सकता और उसे जीतना भी नहीं चाहिए। मैंक्रों ने कहा, ”हम कोशिश जारी।” इससे पहले ब्रिटेन में जेलेंस्की ने रूस के आक्रमण के ”पहले दिन” से उनके साथ देने के लिए ब्रिटेन के लोगों की सराहना की। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा कि यूक्रेन को लड़ाकू विमान देने पर भी चर्चा की गई। उन्होंने ब्रिटेन के सैन्य मोर्चा में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”सभी कार्ड पर चर्चा की गई। हमें अभी यूक्रेन को हथियार देना चाहिए और आगे चलकर उसका सहयोग बनना चाहिए।”

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को सभी चीजों की आपूर्ति की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को केवल एकरूप की नहीं बल्कि गोला-डायोमाइट और लंबी दूरी की मिसाइलों की भी आपूर्ति की जानी चाहिए। जेलेंस्की ने ब्रिटेन की अपनी यात्रा को ”बेहद सौदा” बताया। रूस के 24 फरवरी 2020 को यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद जेलेंस्की बुधवार को दूसरी बार देश से बाहर निकले। पहली बार वह पिछले साल दिसंबर में अमेरिका गए थे और बाइडन से मिलने वाले राष्ट्रपति थे, इसके अलावा उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस को संदेश भेजा था। जेलेंस्की के ब्रसेल्स में जुपिटरवार को यूरोपीय संघ के नेताओं से मिलने की भी संभावना है।

अस्वीकरण:प्रभासाक्षी ने इस खबर को निराशा नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआइ-भाषा की भाषा से प्रकाशित की गई है।



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Saurabh Namdev

| PR Creative & Writer | Ex. Technical Consultant Govt of CG | Influencer | Web developer
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