
कट, कॉपी और पेस्ट। किसी भी काम को सेटलमेंट का बहुत ही आसान फॉर्मुला है। सरल तरीके से जल्दी काम को करने की ये तकनीक इन दिनों हर कोई अपना रहा है। इससे आप काम करते हैं तो जल्दी कर लेते हैं। मगर मेरा दिमाग धीरे-धीरे बूढ़ा हो गया है। अब उसे न तो सुनने की आदत है, न पढ़ने की और न ही लिपियों की। इससे न केवल हमारा पहलू धीरे-धीरे खत्म होता दिखता है, बल्कि संग्रह पर भी प्रभाव पड़ता है। यह जान लें कि किन चीजों को अवॉइड करके ब्रेन को यंग रखा जा सकता है।
इसके बारे में राजकीय मेडिकल कालेज हलद्वानी में मनोवैज्ञानिक डॉ. अर्जुन पंत का कहना है कि दिन बदलते रहने से हमारी लाइफ स्टाइल में सेहत पर गहरा असर पड़ रहा है। इन दिनों लोगों में रीडिंग हैबिट खत्म हो रही है। यह कार्य करता है। किसी भी चीज को मोबाइल में सेव करने की प्रैक्टिस के चलते हमें चीजों को याद रखने की आदत नहीं रहती है। इससे गिरफ्तार होने लगता है।
जिन चीजों को रूटीन में शामिल करके ब्रेन को हेल्दी बनाएं
1 दैनिक पठन और लेखन आवश्यक है
सुबह ही बढ़ा पत्र ज़रूर पढ़ें। इसके अलावा किताबों को पढ़ना भी जरूरी है। इससे आप नए विचार को अपने अंदर एकत्रित कर सकते हैं। इसका असर आपके मेंटल हेल्थ पर दिखने जैसा लगता है। इसके अलावा रूटीन एक्टिविटीज़ को लिखने का प्रयास करें। इससे आपका संग्रह गहरा होने लगेगा और बातों पर बातों को भूलने की आदत से राहत मिलेगी।
2 याद रखने का प्रयास करें
चीजों को किसी डायरी में लिखने के अलावा अन्य लोगों के फोन नंबर से लेकर अपने जरूरी पासवर्ड को याद रखना चाहिए। इससे आपका ब्रायन बनने लगता है। डॉ यूरो के अनुसार किसी के नंबर को जस का तस फोन में सेव करने के अलावा उसे रिकॉल भी करें, ताकि आपको याद रह सके।
3 ब्रीडिंग अभ्यास करें
दिन की शुरुआत ब्रीडिंग एक्सरसाइज से करें। इससे मस्तिष्क में ऑक्सीजन का प्रसार होता है। दिमाग हेल्दी रहता है और सभी चीजें आसानी से याद होने लगती हैं। कुछ मिनटों की ब्रीडिंग एक्सरसाइज से ब्रेन और लंग हेल्दी होते हैं। इससे सांस संबंधी जोखिम भी दूर होने लगती है।
4 पज़ल और क्रासवर्ड दें
कुछ देर से दिमागी खेल खेलने से भी माइंड रिलैक्स होने लगता है। पजल और क्रासवर्ड समझौते से न केवल हम कुछ नया सीखते हैं बल्कि तनाव से भी मुक्ति मिल जाती है। खेलों को एजॉय करने से ब्रेन हेल्दी बनता है और समग्र रूप से मुक्त दिखता है।
दिमाग को स्वस्थ रखने और गतिविधियों को करने के लिए इन कामों को करने से बचें
1 फ़ैसले लेने से बचें
हार्वर्ड शिक्षा के शोध के अनुसार शराब और अतिरिक्त सेवन करने से तंत्रिका संबंधी विकार डिमेंशिया खतरा बना रहता है। इससे ग्रस्त व्यक्ति सोचने की क्षमता में कमी, नींद न आना, स्मृति हानि और भूतकाल को याद करने में परेशानी का अनुभव करने लगते हैं। ऐसे में रोजाना फटने के सेवन को अवॉइड करना चाहिए।
2 स्क्रीन टाइम घटाएं
दिनभर फोन की स्क्रीन को सामने रखने से भी दिमाग पर उसका प्रभाव दिखता है। इसका असर हमारे सोचने की शक्ति पर भी दिखने लगता है। घण्टों टीवी या मोबाइल की स्क्रीन को देखने से उसका असर हमारी आंखों के अलावा ब्रेन पर भी दिखता है।

3 बहु कार्य न करें
एक समय में कई तरह के काम करने से आप किसी काम पर पूरी तरह से फॉक्स नहीं करते हैं। इससे अच्छे रिजल्ट नहीं मिलते हैं। एक देर में एक काम पूरी मेहनत से करें, ताकि उसके अच्छे परिणाम आ जाओ। इससे काम की उत्पादकता भी बढ़ती है और काम की गुणवत्ता पर भी उसका असर दिखता है।
4 तनाव में न रहें
दिन में बढ़ोतरी हो रही एंजाइटी से छोटी-छोटी बातें भी हमारे मन और मस्तिष्क लंबे समय तक प्रभावित करता है। इसके चलते कई बार छोटी-छोटी बातें हमें लंबे समय तक परेशान करती हैं। इस समस्या से खुद को अलग करें और लोगों को डिटॉक्स करके दूर बनाएं। दूसरों की बातों को दिल से न धराशायी और रिलैक्स रहें।
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